डे नारायण सिंह बघेल की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में पोषण माह के सातवें चरण में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ.बीना खोबरागड़े ने बताया कि एनीमिया की रोकथाम, विकास निगरानी, सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रभावी सेवा वितरण के साथ पोषण भी पढ़ाई भी और पूरक पोषण जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। 1 से 7 सितंबर तक पोषण सप्ताह मनाया जाता है जिसका उद्देश्य पोषण की स्थिति में सुधार लाने और जन सामान्य को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने को प्रेरित करना है। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सत्येंद्र नाग के मार्गदर्शन में आज शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मध्यम विद्यालय महावीर चौक में आयुष विभाग द्वारा विशेष रूप से किशोरी बालिकाओं के लिए एनीमिया से बचाव में आयुष की भूमिका विषय पर जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया।
जिसमें शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक नारायणपुर से आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीना खोबरागड़े द्वारा उपस्थित छात्राओं को एनीमिया रोग के कारण लक्षण व बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि खून की कमी से बचने के लिए हमें हरी पत्तेदार सब्जियां दाल सोयाबीन ,मूंगफली, गुड़ ,अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए और योग, प्राणायाम करें। ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालें और मुख्य रूप से हमें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सरलता से प्राप्त होने वाले औषधि पौधे मुनगा तुलसी, बेल, आंवाला, पीपल के औषधि गुण के बारे में जानकारी दी गई। विशेष रूप से मुनगा जिसमें आयरन मैग्नीशियम कैल्शियम पोटेशियम प्राप्त हो जाते हैं|
उसके पत्ते को सुखाकर उपयोग करने के लिए बताया गया एवं आयुर्वेद में वर्णित आंवला के महत्व के बारे में बताया गया और बच्चों से कहा गया कि वह अपने आंखों, त्वचा बाल एवं पाचन संबंधी विकारों से भी बचने के लिए रोज एक आंवाला का सेवन मुरब्बा पाउडर या सुखाकर भी कर सकते हैं। इसके साथ ही बच्चों को स्वस्थ जीवन शैली संतुलित आहार स्वच्छता का महत्व बताया गया। छात्राओं के साथ प्राचार्य सुत्तमराम चंदेल, प्रधान अध्यापिका रागिनी कोर्राम, व्याख्याता करुणा सिंह मांडवी उपस्थिति रही। आयुष विभाग से फार्मासिस्ट टिकेश्वर मंडावी एवं कुमारी अर्चना नाग का सक्रिय योगदान रहा।



