कोंडागांव| कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में 10 सितम्बर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया गया और लोगों को आत्महत्या रोकथाम के लिए जागरूक किया गया। क्यूंकि हर साल लाखों लोग आत्महत्या करते हैं। ऐसे में आत्महत्या जैसे गंभीर समस्या को रोकने के लिए हर संभव प्रयास जरूरी है।
मनोवैज्ञानिक मधु बघेल ने बताया कि आत्महत्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिनमें मानसिक तनाव, भावनात्मक संकट, लम्बी बीमारी, परिवार में किसी प्रियजन की मृत्यु, नशीले पदार्थों का दुरुपयोग और जीवन में अचानक आए बदलाव शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आत्महत्या का कोई एक मात्र कारण नहीं होता है। यह जैविक, आनुवंशिक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होती है। ऐसे में लोगों को इन कारणों के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है ताकि वे समय रहते मदद प्राप्त कर सकें।
इस दिशा में जिला अस्पताल कोंडागांव में मेंटल हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा नि:शुल्क परामर्श इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। मधु बघेल ने अपील की कि जिन व्यक्तियों में आत्महत्या के जोखिम कारक दिखाई दें जैसे मानसिक बीमारी, नशीले पदार्थों का दुरुपयोग या आत्महत्या के पूर्व प्रयास उन्हें तत्काल मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक से परामर्श दिलाया जाए। और इसके लिए जिला अस्पताल में संचालित ओपीडी नंबर 09 में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध हैं जहां लोग नि:शुल्क परामर्श और इलाज प्राप्त कर सकते हैं।



