डे नारायण सिंह बघेल की रिपोर्ट:-
नारायणपुर | राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, रायपुर के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट नारायणपुर के सभाकक्ष में कलेक्टर बिपिन मांझी की अध्यक्षता में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी (एफएलएन) के लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने के लिए जिला स्तरीय परियोजना प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में एफएलएन के तहत बच्चों में पढ़ने-लिखने की क्षमता, भाषा एवं गणित की बुनियादी कौशल पर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता का ज्ञान प्रदान करना है। कलेक्टर बीपीन मांझी ने बैठक के दौरान एफएलएन के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
सहायक कार्यक्रम समन्वयक (पेडागॉजी) उमेश रावत, जो इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी हैं, ने ग्रेडवार एफएलएन के तहत जिले में किए गए कार्यों की जानकारी दी। राज्य कार्यालय द्वारा जारी मासिक चर्चा पत्र के नियमित उपयोग पर बल दिया गया। इसके अलावा, मार्च 2024 में होने वाले उपलब्धि परीक्षण में जिले की रिपोर्ट कार्ड के आधार पर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर मांझी ने शालात्यागी बच्चों की पहचान पर विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि ओरछा विकासखंड में हाट-बाजारों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर इन बच्चों का सर्वेक्षण किया जाए, जिससे इन्हें पुनः शाला में लाया जा सके।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक संचालक आदिवासी विकास शाखा, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक, सहायक कार्यक्रम समन्वयक (बालिका शिक्षा) और एफएलएन सदस्य रचना कारटे भी उपस्थित रहीं।



