डे नारायण सिंह बघेल की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ के परादी जंगल में संयुक्त नक्सल विरोधी ‘माड़ बचाओ’ अभियान के तहत तीन प्रमुख नक्सलियों को ढेर किया है। मारे गए नक्सलियों में रूपेश, जगदीश और सरिता शामिल हैं, जिन पर क्रमशः 25, 16 और 8 लाख रुपये का इनाम था।
इस वर्ष अब तक, बस्तर में 157 नक्सली मारे गए हैं, 663 गिरफ्तार किए गए और 556 ने आत्मसमर्पण किया है। पुलिस को 22 सितंबर को नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी, जिसके बाद नारायणपुर, कोण्डागांव और दंतेवाड़ा की सुरक्षा बलों ने पांच दिन तक अभियान चलाया। मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग की, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की।
इस ऑपरेशन से काफी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नक्सली सामान बरामद किए गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि कई अन्य नक्सली भी घायल या मारे गए हैं।
मारे गए नक्सली
रूपेश उर्फ कोलू उर्फ शांभा गोसाई – DKSZC (इनाम: 25 लाख), महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले का निवासी। इस पर 66 आपराधिक मामले दर्ज थे।
जगदीश उर्फ रमेश उर्फ सुखलाल टेकाम – DVCM (इनाम: 16 लाख), मप्र के बालाघाट जिले का निवासी। इस पर 43 आपराधिक मामले दर्ज थे।
सरिता उर्फ बसंती – PPCM, PLGA कंपनी नंबर 10 की महिला माओवादी (इनाम: 8 लाख), छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की निवासी।
पुलिस अधीक्षक ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की है, जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों में डर पैदा हो चुका है और उनका संगठन कमजोर हो रहा है। इस अभियान ने नक्सल मुक्त बस्तर के सपने को साकार करने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया है। ग्रामीण अब विकास और शांति की ओर बढ़ने की उम्मीद जगा रहे हैं।



