बालाघाट – प्रदेश के तीन लाख से अधिक सेवानिवृत राज्य कर्मचारी सरकार की अड़ियल नीति के कारण विगत 24 वर्षों से छत्तीसगढ और म.प्र. के सहमति के भंवर में झूल रहे है । जिसके कारण उन्हें हजारों रुपयों की क्षति उठानी पड़ रही है । साथ ही राज्य के कर्मचारियों को मिलने वाले मंहगाई भत्ते के साथ उन्हें मंहगाई राहत नही मिलती और ना ही एरियर्स राशि प्रदान की जाती है ।
उच्च न्यायालय से पारित आदेशों के परिपेक्ष्य में भी सरकार पेंशनर्सों को उनके हित लाभ प्रदान नही कर रही है । इसी तरह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और स्वास्थ्य बीमा योजना लाभ के प्रति सरकार पूर्णतया उदासीन रवैया अपना रही है ।
केन्द्र के समान अविवाहित बेटी , विधवा , परित्यक्ता बेटी को आजीवन थर्ड पार्टी परिवार पेंशन प्रदान की जायें । 4% मंहगाई राहत अभी तक प्रदाय नही की गई है जिसे अविलंब प्रदाय कर राहत प्रदान की जाए। ज्ञापन देने ए.एल.मोहारे , डा. एस एस बिसेन, पी आर देशमुख, पी एल मोहारे , अमर सिंह ठाकुर एवं त्रिवेणी साहू ने सांसद भारती पारधी को सौपा|



