डे नारायण सिंह बघेल की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | नारायणपुर पुलिस के द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार सघन नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाव’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर माड़ क्षेत्र के मूलवासियों को नक्सली विचारधारा से बचाने और उन्हें माओवादी खोखले सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालने के उद्देश्य से क्षेत्र में ‘‘नक्सल भय मुक्त’’ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके।
उक्त अभियान के आज दूसरे दिन दिनांक 08.10.2024 को डीआरजी एवं थाना पुलिस बल द्वारा क्षेत्र के ग्राम दुड़मी, मरसकोल, बोथा, तिरकानार, टेमरूगांव, गरदापाल, पदनार, कोडेर, तिरिनबेड़ा, सुलेंगा, कोकपाड़, मंदोड़ा, कन्हारगांव, किलम, कोरोबेड़ा स्कूलपारा, घोटेलूपारा व ओड़ाकुदुम में पहंुचकर पूर्वी बस्तर डिवीजन क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान की मिली सफलता का वृहत रूप से प्रचार-प्रसार किया गया एवं क्षेत्र के ग्रामीण से मुलाकात कर उन्हें फल भेट किया गया।
इस दौरान क्षेत्र के ग्रामीणों को नक्सल विरोधी अभियान में मारे गये माओवादियों के फोटोग्राफ्स ग्रामीणों को दिखाकर नक्सलियों के प्रति ग्रामीणों के मन में जो भय व्याप्त था उन्हें दूर किया गया जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में नक्सली भय से आजादी की आशा जगी है जिससे क्षेत्र के ग्रामीण अपने आप को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसुस कर रहे है और क्षेत्र के लोगों को विचारों की अभिव्यक्ति मिल रही है।
क्षेत्र के ग्रामीण अपनी मांगों एवं समस्याओं को शासन/प्रशासन व पुलिस के समक्ष निर्भिक व निर्बाध रूप से रख सकते है अब उन्हें नक्सलियों से डरने की जरूरत नहीं है। गांव के लोगों से जिनके परिवार के सदस्य जो नक्सलियों के गलत संगत में आकर नक्सल संगठन में चले गये है, उन सभी मूलवासियों जो बाहरी विचारधारा और बाहर के नक्सली नेताओं के गलत से बाहर निकलकर नक्सलवाद एवं नक्सली विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति को अपनाकर समाज के मुख्य धारा से जुड़ने और हथियार एवं नक्सलवादी विचारधारा का पूर्णतः त्याग व विरोध करने की अपील की गई।
नक्सलवाद एवं नक्सलवादी विचारधारा से क्षेत्र के ग्रामीणों को बचाने और उन्हें माओवादी सिद्धांतों के आकर्षण से बाहर निकालने के उद्देश्य से क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा ‘‘नक्सल भय मुक्त’’ जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, जो अभी भी जारी है।



