अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर |बिलासपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर रतनपुर क्षेत्र स्थित खूंटाघाट बांध, जिसे खारंग जलाशय के नाम से भी जाना जाता है, यहाँ पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग के द्वारा लाखो रुपये की लागत से रेस्टहाउस का नवीनीकरण कराया जा रहा है लेकिन विभाग के अधिकारियों के द्वारा सूचना बोर्ड नही लगाने से लोग असमंजस में है कि आखिर बनाया क्या जा रहा है ।
आपको बता दे कि खूंटाघाट बांध सर्दियों के मौसम में सैकड़ों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. शांत वातावरण, मनमोहक प्राकृतिक दृश्य और प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट इसे एक विशेष पर्यटन स्थल बनाते हैं. ब्रिटिश शासनकाल में निर्मित यह बांध न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी अद्वितीय है।इसी बांध के ऊपर में बहुत पहले बने रेस्टहाउस का जीर्णोद्धार लाखो रुपये की लागत से खारंग जलासय विभाग के द्वारा कराया जा रहा है लेकिन प्रारंभ करने से पहले कार्य स्थल में सूचना पटल लगाया जाता है,लेकिन विभाग द्वारा यहां निर्माण कार्य से संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जबकि कोई भी शासकीय कार्य प्रारंभ करने से पहले वहां पर कार्य का नाम,, प्रशासनिक स्वीकृति राशि, अनुबंधक का नाम, अनुबंध क्रमांक, दर, कार्य प्रारंभ एवं कार्य पूर्ण होने की तारीख, उपअभियंता का नाम एवं मोबाइल नंबर, कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी का नाम एवं मोबाइल नंबर की जानकारी प्रदर्शित करना होता है ताकि निर्माण कार्य में पारर्दर्शिता बनी रहे और लोग गड़बड़ी की शिकायत संबंधित अधिकारी से कर सकें। मगर यहां तकनीकी विवरण का कोई भी सूचना पटल नहीं लगाया गया है। यह रेस्टहाउस के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है पर इस निर्माण कार्य के बारे ग्रामीणों को पता ही नहीं कौन से विभाग का है , कितनी लागत राशि से निर्माण हो रहा है ये एक पहेली बन गयी है ।
क्या कहते है जिम्मेदार
रेस्टहाउस का जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है सम्बंधित ठेकेदार को बोला हु सूचना पटल जल्द ही लगा दी जाएगी—- राकेश सोंनी



