अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर | बिलासपुर में आज कांग्रेस ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन करते हुए चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के विरोध में नेशनल हाईवे पेण्ड्रीडीह रायपुर रोड पर विशाल चक्का जाम किया। यह आंदोलन बिलासपुर प्रभारी एवं कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में, जिला शहर कांग्रेस कमेटी एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
चक्का जाम के दौरान हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और केंद्र तथा राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “छत्तीसगढ़ बचाओ – अडानी हटाओ”, “तानाशाही नहीं चलेगी”, “भाजपा की तानाशाही मुर्दाबाद” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
कांग्रेस का आरोप – अडानी के लिए की जा रही गिरफ्तारी
विधायक अटल श्रीवास्तव ने आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जन आंदोलन को कुचलने के लिए पुलिसिया दमन का सहारा ले रही है।
उन्होंने कहा –
“हमारी लड़ाई अडानी और निजीकरण के खिलाफ है। हसदेव अरण्य, बांगो डैम, बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ की जनता को हम अडानी जैसे पूंजीपतियों के हाथों नहीं बिकने देंगे। यह संघर्ष जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो हम किसी भी हद तक जाएंगे।”
कांग्रेस का दावा – यह सिर्फ शुरुआत है
कांग्रेस नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह चक्का जाम केवल शुरुआत है। अगर सरकार ने आंदोलनकारियों पर कार्रवाई बंद नहीं की और निजीकरण की नीति को नहीं रोका तो आगे और बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।
प्रभावित हुआ यातायात, पुलिस रही तैनात
चक्का जाम के कारण नेशनल हाईवे पर कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए। हालांकि आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।
आंदोलन में प्रमुख नेता रहे मौजूद
चक्का जाम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पार्षद, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवादल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में चैतन्य बघेल की रिहाई की मांग करते हुए सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।



