अमित दुबे की रिपोर्ट
बिलासपुर,
शहर में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बिलासपुर यातायात पुलिस द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान एडवांस्ड ब्रीथ एनालाइजर (एल्कोमीटर) मशीन के उपयोग और ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की प्रक्रिया पर विशेष रूप से मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण में बताया गया कि नई तकनीक से अब बिना सीधे सांस परीक्षण के भी गंध के आधार पर शराब सेवन की पहचान की जा सकेगी, जिससे जांच प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी।
इसके साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर आईटीएमएस, पीओएस मशीन और एम-परिवहन पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के साथ अन्य आपराधिक धाराओं में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की संख्या अधिक होने के कारण इस वर्ग पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। वहीं भारी वाहनों की नियमित जांच के साथ औद्योगिक संस्थानों में भी ब्रीथ एनालाइजर मशीन लगाने की सलाह दी गई है।
नो-पार्किंग में वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ भी सख्ती बरती जाएगी, जिसके लिए व्हील लॉक जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस विभाग के साथ अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।





