बब्बी शर्मा सरगुजा संभाग ब्यूरो:-
- शासन के आदेश के बाद भी शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को नहीं भेजा जा र हा है उनके मूल कार्यालय में
- शिक्षण संस्थान के शिक्षक दबाव में कार्य करने के लिए मजबूर हैं कैसे ना करें अपने उच्च अधिकारी के आदेश का पालन नहीं तो हो जाएगी कार्यवाही?
- शिक्षा विभाग के कर्मचारी पदस्थ हैं राजस्व विभाग में पिछले कई वर्षों से तो कैसे चलेगी शिक्षा व्यवस्था?
- शालाओं में हो रही है कई तरह की परेशानी संस्था से कई बार पत्र के माध्यम से विकास खंड शिक्षा अधिकारी से की गई है कर्मचारियों के वापसी की मांग?
- शिक्षा विभाग के कर्मचारी संलग्न है राजस्व विभाग में तो कैसे होगी बच्चों की पढ़ाई जबकि छत्तीसगढ़ शासन ने संलगनिकरण को पूर्णतः समाप्त कर दिया है उसके बाद भी राजस्व विभाग में जमे हुए हैं कर्मचारी क्या इनकी मूल विभाग में वापसी होगी या यही पदस्थ रहेंगे?
छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा संलगनिकरण पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है सरकार के आदेश का पालन खड़गवां विकासखंड में नहीं किया जा रहा है छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा स्थानांतरण करने का आदेश जारी किया है एवं साथ ही संलगनिकरण पूर्णतः समाप्त किया जाए जो अपने मूल कार्यालयों से दूसरे कार्यालयो में संलग्न है उन कर्मचारियों को तत्काल मूल कार्यालय भेजा जाए जून माह से संलगनिकरण का आदेश समाप्त माना जाए लेकिन विकासखंड खड़गवां में शिक्षा विभाग के कर्मचारी राजस्व विभाग में पिछले कई वर्षों से आज भी संलग्न है। छत्तीसगढ़ सरकार के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है।
जबकि संस्था के प्रधान पाठक के द्वारा विकास खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है कि शिक्षा सत्र चालू हो गया है शिक्षा विभाग के संलग्न कर्मचारियों को उनके मूल स्थान पर पदस्थ किया जाए जिससे शिक्षण संस्थान को चलने में काफी दिक्कत आ रही है उधर सफाई कर्मी भी हड़ताल में होने से काफ़ी दिक्कतों एवं परेशानीओ का सामना करना पड़ रहा है।
जबकि शिक्षा विभाग के कर्मचारीओ को सिर्फ चुनाव के लिए राजस्व विभाग में संलग्न किया गया था मगर आज तक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को उनके मूल स्थान पद पर वापस नहीं भेजा गया है जिससे शिक्षा विभाग की पाठ शालाओं में शिक्षा प्रभावित हो रही है।
शिकायतकर्ता ने शिकायत किया गया था कि शिक्षा विभाग के कर्मचारी अन्य कार्यालयों में संलग्न किए गए हैं। जो कि राजस्व विभाग में ऐसे कर्मचारियों को मूल विभाग भेजा जाए शिकायत के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा पत्र जारी कर शिक्षा विभाग के संलग्न कर्मचारियों को मूल पद शिक्षा विभाग में वापस किया जाए मगर आज तक लगभग कुछ कर्मचारियों को तो कई वर्ष हो गए संलग्न किए कर्मचारियों को वापस नहीं भेजा जा रहा है।
छत्तीसगढ़ शासन का आदेश भी जारी है कि संलगनिकरण पूर्णतः खत्म करते हुए संलग्न कर्मचारियों को उनके मूल पद पर भेजा जाए खड़गवां तहसील एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय के अधिकारियों के द्रारा छत्तीसगढ़ शासन के आदेश की अवहेलना की जा रही है। जिससे शिक्षा विभाग में पदस्थ कर्मचारियों के राजस्व विभाग में संलग्न होने के कारण कार्यालय एवं शालाओं में कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
जबकि छत्तीसगढ़ शासन में वर्तमान भाजपा सरकार एवं मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के कलेक्टर शिक्षा के प्रति काफी गंभीर होने के बाद भी खड़गवां विकासखंड में शिक्षा विभाग के कर्मचारी राजस्व विभाग में संलग्न है जिससे शिक्षा संस्थान कि शिक्षा प्रभावित हो रही है।



