सुरेश सोनी की रिपोर्ट : –
नारायणपुर |नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में कार्यरत डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने आज बड़ा कदम उठाते हुए जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कार्य 2 से 3 घंटे के लिए रोक दिया। स्वास्थ्यकर्मियों ने यह विरोध प्रदर्शन पिछले 9 माह से लंबित CRMC (नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन राशि) के भुगतान को लेकर किया।
स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट कहा कि वे लगातार सबसे कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं — चाहे वह बम धमकी वाले क्षेत्रों में ग्राउंड-लेवल ट्रायजिंग हो, नक्सल घटनाओं के बाद पोस्टमार्टम करना हो या सड़कविहीन दूरस्थ इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना। इसके बावजूद, उन्हें पिछले 9 माह से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है।
डॉक्टरों और स्टाफ ने इस मौके पर प्रदेश की बैठी हुई सरकार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साई, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएँ (DHS) की आयुक्त एवं NHM की प्रबंध निदेशक डॉ. प्रियंका जे. शुक्ला से पूछा कि आखिर अब तक इस भुगतान में देरी क्यों की जा रही है।
स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि समीपवर्ती कोंडागांव जिले में मार्च 2025 तक की CRMC राशि का भुगतान हो चुका है, लेकिन नारायणपुर जैसे सबसे संवेदनशील जिले को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। इससे कर्मियों का मनोबल टूट रहा है।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर स्वास्थ्यकर्मी पहले भी कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं, यहाँ तक कि 7 अगस्त 2025 को जिला अस्पताल नारायणपुर के निरीक्षण दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को भी आवेदन सौंपा गया था। इसके बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित राशि का भुगतान नहीं किया गया तो विरोध और तेज़ किया जाएगा।



