जशपुर। जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना पत्थलगांव क्षेत्र में करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी अरविंद राठौर (36 वर्ष), निवासी ग्राम कोसमुंडा, थाना चांपा, जिला जांजगीर-चांपा को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मामला वर्ष 2021 से संबंधित है, जब आर.पी. ग्रुप कंपनी के संचालकों — तुरेंद्र कुमार दिव्य उर्फ मनीष कुमार दिव्य, राजेंद्र कुमार दिव्य, और उनके सहयोगियों ने “जादुई कलश” के नाम पर ग्रामीणों को करोड़ों रुपए का झांसा दिया। आरोपियों ने दावा किया कि यह कलश अरबों रुपए में विदेश में बेचा जाएगा, और इससे मिलने वाला मुनाफा कंपनी में पैसे निवेश करने वालों को 1 से 5 करोड़ रुपए तक अनुदान के रूप में दिया जाएगा।
ग्रामीणों को भ्रमित कर उनसे सिक्यूरिटी मनी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम वसूली गई। ठगी के इस जाल में हजारों लोग फंसे, जिनसे कुल 1 करोड़ 94 लाख रुपए से अधिक की ठगी की गई।
मामले में पहले ही चार आरोपी — राजेंद्र कुमार दिव्य, तुरेंद्र उर्फ मनीष कुमार दिव्य, प्रकाश चंद्र धृतलहरे और उपेंद्र कुमार सारथी — को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। वहीं मुख्य आरोपी अरविंद राठौर घटना के बाद से फरार था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिर की मदद से आरोपी का पता जिला सूरजपुर के जयनगर क्षेत्र में लगाया। तत्पश्चात थाना पत्थलगांव की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
पुलिस ने आरोपी से पैन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पत्थलगांव निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, प्रधान आरक्षक चंद्र विजय साय, आरक्षक कमलेश्वर वर्मा, मुकेश पांडे, इम्तियाज खान और आकाश कुजूर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस महिलाओं, कमजोर वर्गों और आर्थिक अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ठगी से जुड़े सभी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।



