गणेश भोय ब्यूरो चीफ जशपुर:-
जशपुर ; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन आघात के तहत जशपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने लोदाम क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक अशोक लिलैंड ट्रक से 271 बोरी अवैध कच्चा तंबाकू जप्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5,18,932 है।
प्रमुख बिंदु
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ट्रक क्र. UP 78 LN 0509 में भारी मात्रा में अवैध तंबाकू का परिवहन।
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ट्रक चालक अवधेश सिंह (40 वर्ष), निवासी — निवालुद्दीनपुर, थाना सफीपुर, जिला उन्नाव (उ.प्र.) गिरफ्तार।
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बिल्टी नंबर और वाहन नंबर में अंतर — अवैध परिवहन की आशंका।
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4 दिन पूर्व लोदाम से दो ट्रकों में 200 बोरी अवैध तंबाकू भी जप्त किया गया था।
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कार्रवाई बीएनएसएस की धारा 106 के तहत।
कार्रवाई का विस्तृत विवरण
जशपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक अशोक लिलैंड ट्रक में भारी मात्रा में अवैध कच्चा तंबाकू गुजरात से सिलीगुड़ी (प. बंगाल) ले जाया जा रहा है। सूचना पर लोदाम पुलिस के निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे एवं उनकी टीम ने तत्परता दिखाते हुए UP 78 LN 0509 नंबर के ट्रक को घेराबंदी कर रोका।
तलाशी के दौरान ट्रक में 271 बोरी कच्चा तंबाकू पाया गया। चालक ने PK Enterprises की एक टैक्स इनवाइस रसीद प्रस्तुत की, लेकिन दस्तावेजों में भारी विसंगतियाँ पाई गईं तथा अवैध परिवहन की पुष्टि हुई। चालक कोई वैध परमिट या परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
इस पर पुलिस ने ट्रक और तंबाकू को जप्त कर बीएनएसएस की धारा 106 के तहत मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की है।
4 दिन पहले भी दो ट्रक पकड़े
दिनांक 29.11.2025 को लोदाम क्षेत्र में ही पुलिस ने दो अलग-अलग ट्रकों —
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UP 78 LN 0511
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UP 78 GT 7621
से 200 बोरी तंबाकू, कीमत ₹4,18,320 जप्त किए थे। दोनों मामलों में दस्तावेजों में अंतर व अवैध परिवहन की आशंका पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की थी।
इन अधिकारियों/कर्मचारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
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निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे
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प्रधान आरक्षक विनोद भगत
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प्रधान आरक्षक प्रदीप लकड़ा
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आरक्षक धनसाय राम
SSP का बयान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा:
“जशपुर पुलिस जिले में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है। ऑपरेशन आघात के तहत अवैध गुटखा, तंबाकू और नशीले पदार्थों के परिवहन व तस्करी में शामिल गिरोहों पर लगातार कार्रवाई जारी है। हमारा लक्ष्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और तस्करी की पूरी श्रृंखला को तोड़ना है। आम नागरिक ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दें; सूचनादाताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।”



