अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर।धार्मिक नगरी रतनपुर स्थित पावन श्री खंडोबा मंदिर में मराठा समाज द्वारा आयोजित 53वां श्री खंडोबा वार्षिकोत्सव इस वर्ष भी अपार श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के साथ ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। दशकों से चली आ रही यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने वाली सशक्त सामाजिक कड़ी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।
इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मराठा समाज के प्रदेश अध्यक्ष राघोराव माने ने की। मंदिर प्रांगण में अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों, पुष्पमालाओं और मंगल वाद्ययंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया गया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि “इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं। मराठा समाज द्वारा वर्षों से श्री खंडोबा वार्षिकोत्सव का आयोजन सामाजिक एकता, संस्कार और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।” उन्होंने समाज की एकजुटता और युवाओं को संस्कारों से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान दीपों की रोशनी, ढोल-नगाड़ों की गूंज और मंत्रोच्चार के बीच दंपतियों ने श्रद्धापूर्वक गोंधल पूजा में सहभागिता की। पूजा के माध्यम से परिवार, समाज और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की गई। मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा, जहां हर ओर आस्था, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
“श्री खंडोबा महाराज की कृपा से समाज निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह वार्षिकोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा को सहेजने का माध्यम है।”
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और सराहनीय क्षण तब आया जब समाज के युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन केवल औपचारिक परिचय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने, संस्कारयुक्त विवाह परंपरा को प्रोत्साहित करने और समाज के भविष्य को सुदृढ़ आधार देने का संदेश भी देता नजर आया। अभिभावकों और युवाओं में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
आयोजन में मराठा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, समाजसेवी, महिला मंडल, युवा इकाई तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आयोजन की सफलता में योगदान दिया। अंत में महाप्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कुल मिलाकर, 53वां श्री खंडोबा वार्षिकोत्सव रतनपुर में आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का ऐसा जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जिसने न केवल मराठा समाज बल्कि समूचे क्षेत्र में सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।




