शोभा यात्रा से लेकर केरियर मार्गदर्शन तक होंगे विविध कार्यक्रम
अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर ————भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर रतनपुर में दो दिवसीय “अंबेडकर मेला महोत्सव 2026” का भव्य आयोजन 14 एवं 15 अप्रैल को किया जाएगा। यह आयोजन अंबेडकर युवा शिक्षा समिति एवं सूर्यवंशी समाज रतनपुर, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के संयुक्त तत्वावधान में सूर्यवंशी सभागार सिंधरीमाड़ा, रतनपुर में संपन्न होगा।
आयोजकों के अनुसार, यह महोत्सव न केवल बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करेगा। कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, छात्र-छात्राएं एवं आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।
पहले दिन शोभा यात्रा और प्रतिमा अनावरण
महोत्सव के पहले दिन 14 अप्रैल (मंगलवार) को प्रातः 8 बजे से भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। यह शोभा यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचेगी, जिसमें विभिन्न झांकियां, बैंड-बाजे और समाज के लोग शामिल होंगे। शोभा यात्रा के बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य, गीत और सामाजिक संदेश पर आधारित प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
दूसरे दिन युवाओं के लिए करियर मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दूसरे दिन 15 अप्रैल (बुधवार) को
केरियर मार्गदर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान विशेषज्ञों और वक्ताओं द्वारा युवाओं को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों और कौशल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रेरणादायक व्याख्यानों के माध्यम से युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जाएगा।
विशिष्ट अतिथियों की रहेगी उपस्थिति
महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं समाजसेवियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति से आयोजन को विशेष गरिमा मिलेगी। आयोजकों ने बताया कि समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया जाएगा।
समाज को जोड़ने और जागरूकता का उद्देश्य
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट करना, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बाबा साहब के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया जाएगा।
आयोजक समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की




