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बुलंद टाइम्स न्यूज/अमित दुबे
बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस द्वारा मंगलवार को पुलिस ग्राउंड स्थित बिलासगुड़ी हॉल में जिला स्तरीय बाल संरक्षण हितधारकों की तृतीय अभिसरण बैठक का आयोजन किया गया। यूनिसेफ, काउंसेल टू सिक्योर जस्टिस (CSJ) एवं बिलासपुर पुलिस के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस बैठक में बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण, पुनर्वास तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने की। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव अनिल कुमार चौहान एवं काउंसेल टू सिक्योर जस्टिस (CSJ) की वरिष्ठ निदेशक उर्वशी तिलक विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
बैठक में कानून से संघर्ष की स्थिति में आए बच्चों के लिए संचालित ‘दिशांत – नव नभ की ओर’ कार्यक्रम की उपलब्धियों एवं प्रगति की जानकारी साझा की गई। साथ ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं परामर्श सेवाओं को मजबूत करने, नशामुक्ति सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विद्यालय से बाहर रहने वाले बच्चों के लिए रात्रिकालीन विद्यालय जैसी पहल विकसित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सभी संबंधित विभागों ने इन विषयों पर सामूहिक प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।
अपने संबोधन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि बच्चों के समग्र संरक्षण और पुनर्वास के लिए सभी विभागों एवं संस्थाओं के बीच निरंतर सहयोग, समन्वय और साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी हितधारकों से बाल-अनुकूल, संवेदनशील एवं सशक्त संरक्षण तंत्र के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में किशोर न्याय बोर्ड (JJB), बाल कल्याण समिति (CWC), महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, सेंदरी मानसिक चिकित्सालय, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, एनटीपीसी एवं एसईसीएल के सीएसआर प्रतिनिधियों सहित हस्तक्षेप पुलिस थानों के चाइल्ड वेलफेयर पुलिस अधिकारी (CWPOs) मौजूद रहे।
बैठक के अंत में सभी हितधारकों ने विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत करने तथा बच्चों की सुरक्षा, पुनर्वास और सकारात्मक विकास के लिए एक प्रभावी एवं समन्वित तंत्र विकसित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।




