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बुलंद टाइम्स न्यूज/अमित दुबे
रतनपुर। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान के तहत रविवार, 16 अगस्त को रतनपुर के प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर परिसर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रतनपुर पुलिस ने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं, ग्रामीणों एवं आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी।
छत्तीसगढ़ पुलिस के इस अभियान का उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और जागरूकता संदेश को अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाना है। इसी अभियान के तहत बिलासपुर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से.) द्वारा QR कोड स्कैन कर अभियान की शुरुआत की गई थी। उन्होंने स्वयं सेल्फी लेकर नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

इसी कड़ी में रतनपुर पुलिस ने महामाया मंदिर परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धालुओं को बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए थोड़ी सी सावधानी बेहद जरूरी है। अभियान के दौरान मंदिर परिसर में लगाए गए QR कोड को श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल से स्कैन किया और जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में तस्वीर लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। खास बात यह रही कि बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक अभियान में भाग लिया।
अनजान लिंक और फर्जी कॉल से रहें सावधान
पुलिस टीम ने नागरिकों को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर बिना जांच-पड़ताल के क्लिक न करें। OTP, बैंक खाते की जानकारी, ATM/डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी, PIN, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करें। पुलिस ने यह भी बताया कि बैंक या कोई विश्वसनीय संस्था फोन पर गोपनीय बैंकिंग जानकारी मांगने के नाम पर दबाव नहीं बनाती।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
‘एक व्यक्ति की जागरूकता, दूसरे को बचा सकती है’
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट हुए थे, उसी तरह आज साइबर अपराध के खिलाफ भी सामूहिक जागरूकता की आवश्यकता है। एक व्यक्ति की जागरूकता दूसरे व्यक्ति को साइबर ठगी का शिकार होने से बचा सकती है।
मधुलिका सिंह ने कहा कि साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। आज साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में नागरिकों को किसी भी अनजान कॉल, लिंक, मैसेज या लालच में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान आम लोगों को जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है और हर नागरिक को इसमें सहभागी बनकर साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलानी चाहिए।
नुपुर उपाध्याय ने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध से बचाव के लिए सावधानी बरतना भी जरूरी हो गया है। किसी भी व्यक्ति को OTP, PIN, पासवर्ड अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो समय गंवाए बिना पुलिस को सूचना देना जरूरी है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर लिया अभियान में हिस्सा
अभियान के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने QR कोड स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी ली और सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर जागरूकता का संदेश साझा किया। युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग श्रद्धालुओं में भी अभियान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
रतनपुर पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की कि वे ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान से जुड़ें, जागरूकता संदेश को अपने परिवार, मित्रों और परिचितों तक पहुंचाएं तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रतनपुर पुलिस एवं रक्षित निरीक्षक की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महामाया मंदिर परिसर में आयोजित इस अभियान के माध्यम से श्रद्धालुओं के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाया गया।




