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बुलंद टाइम्स न्यूज/अनीश मिश्रा
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल के तहत शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के बाद प्रसूता माताओं को फलदार पौधे भेंट किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य नवजात के आगमन के साथ परिवार और समाज में हरियाली का संदेश पहुंचाना है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में 19 सितंबर 2026 को 14 प्रसूता माताओं को कुल 70 फलदार पौधे प्रदान किए गए। इनमें एमसीएच कालीबाड़ी की 3, शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरगांव की 2, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोवा की 1, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभनपुर की 6 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा की 2 प्रसूता माताएं शामिल रहीं।
अभियान के प्रारंभ से अब तक रायपुर जिले में कुल 13,514 माताओं को 67,570 पौधे वितरित किए जा चुके हैं।
हर प्रसव के बाद पांच फलदार पौधे…
प्रोजेक्ट ग्रीन पालना के अंतर्गत डिस्चार्ज के समय प्रसूताओं को उनके नवजात बच्चे के साथ आम, अमरूद, आंवला, पपीता और मुनगा (सहजन) के पांच फलदार पौधे दिए जाते हैं।
इन पौधों के माध्यम से परिवारों को पर्यावरण संरक्षण के साथ भविष्य में फल एवं पोषण का लाभ मिलने की उम्मीद है। आम का पौधा भविष्य में छाया और फल का स्रोत बन सकता है। अमरूद और आंवला पोषण की दृष्टि से उपयोगी फल हैं। पपीता अपेक्षाकृत जल्दी फल देने वाला पौधा है, जबकि मुनगा अपने पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है।
मातृत्व और हरियाली को जोड़ने की पहल…
जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभियान मातृत्व के उत्सव को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल है। परिवार जब इन पौधों की देखभाल करता है तो बच्चों में भी प्रकृति और पर्यावरण के प्रति लगाव विकसित होने की संभावना रहती है।
इस पहल का संदेश है कि जहां एक बच्चे का जन्म हो, वहां पांच पौधों के रूप में हरियाली को भी जीवन मिले। इसी सोच के साथ प्रोजेक्ट ग्रीन पालना “हर घर हरियाली” की दिशा में आगे बढ़ रहा है।




