नारायणपुर : जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चित्रकांत चाली ठाकुर ने जिले के दिव्यांगजनों से अपील की है कि वे समाज कल्याण विभाग में शीघ्र अपना पंजीयन कराएं, ताकि जिले के दिव्यांगजन 06अक्टूबर को जिला बस्तर मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित होने वाले विशेष शिविर का लाभ प्राप्त कर सकें। शिविर 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक आयोजन किया जा रहा है उन्होंने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के माध्यम से शिविर की जानकारी देते हुए पात्र दिव्यांगजनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।
दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह शिविर 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से जगदलपुर स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित किया जाएगा। शिविर में नारायणपुर जिले के दिव्यांगजन आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर परीक्षण एवं सामग्री वितरण की सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
शिविर में शामिल होने के लिए दिव्यांगजनों को आधार कार्ड की प्रति, दो पासपोर्ट आकार के फोटो तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र साथ लाना आवश्यक होगा। पंजीयन एवं शिविर से संबंधित अधिक जानकारी के लिए दिव्यांगजन अपने संबंधित ग्राम पंचायत, नगर पालिका अथवा समाज कल्याण विभाग, नारायणपुर से संपर्क कर सकते हैं।
सीईओ ने बताया कि शिविर में दिव्यांगजनों की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। तीन वर्ष से अधिक पुराने कृत्रिम अंगों को बदलने की सुविधा के साथ ही पात्र हितग्राहियों को नए कृत्रिम हाथ, पैर एवं कैलिपर्स प्रदान किए जाएंगे।
इसके अलावा आवश्यकता वाले एवं चिन्हित दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उन्हें विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जाएगी। जिला प्रशासन के द्वारा जिले के नक्सली मुक्त क्षेत्र के हितग्राहियों को विशेष रूप से लाभान्वित किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी ने अनिवार्य रूप से पंजीयन कर अपना दिव्यांगता को दूर करने के लिए सहायक उपकरणों का लाभ लेने अपील किया गया है।
शिविर में ट्रायसायकल, श्रवण यंत्र, वैशाखी, व्हीलचेयर, छड़ी एवं स्मार्ट छड़ी जैसे सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इससे दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में आवागमन एवं अन्य आवश्यक गतिविधियों में सुविधा मिलेगी।जिला पंचायत सीईओ चित्रकांत चाली ठाकुर ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी अमले से भी आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र के पात्र दिव्यांगजनों तक शिविर की जानकारी पहुंचाएं तथा उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक दिव्यांगजनों का पंजीयन कर उन्हें शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं से लाभान्वित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।




