टाइम्स के लिए जिला ब्यूरो चीफ अनीश मिश्रा की रिपोर्ट
रायपुर | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जरूरतमंद परिवारों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में रायपुर जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ हृदय रोग से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों के लिए नई उम्मीद बन रहा है।
आरंग विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला परसठी में कक्षा तीसरी में पढ़ने वाले भार्गव बोस के माता-पिता के लिए वह समय बेहद कठिन था, जब उन्हें अपने मासूम बेटे के दिल की गंभीर बीमारी का पता चला। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चिंता बेटे के इलाज की थी।
सर्दी-खांसी की शिकायत से सामने आई गंभीर बीमारी
स्कूल में आरबीएसके (चिरायु) टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान भार्गव ने बार-बार सर्दी-खांसी की शिकायत बताई। वह अपनी उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में कमजोर भी दिखाई दे रहा था। चिरायु टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसे शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखाया, जिसके बाद हृदय रोग विशेषज्ञ से जांच कराने की सलाह दी गई।
इसके बाद भार्गव को सत्य साईं अस्पताल, नवा रायपुर ले जाकर ईको जांच कराई गई। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए उसे एम्स रायपुर रेफर किया गया। एम्स में जांच के बाद टीएपीवीसी (टोटल एनोमलस पल्मोनरी वेनस कनेक्शन) की गंभीर समस्या सामने आई और चिकित्सकों ने रिपेयर सर्जरी की आवश्यकता बताई।
चार घंटे की जटिल सर्जरी ने दी नई जिंदगी
एम्स रायपुर के सीवीटीएस विभाग के डॉ. जी. सौरभ, डॉ. स्नेहा जैन एवं उनकी टीम ने लगभग चार घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। उपचार के बाद भार्गव को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और अब वह स्वस्थ जीवन जी रहा है।
जिस बेटे की बीमारी को लेकर कभी माता-पिता की आंखों में चिंता थी, आज उसी भार्गव को स्वस्थ देखकर उनके चेहरे पर सुकून और खुशी है। परिवार को भरोसा है कि अब उनका बेटा दूसरे बच्चों की तरह नियमित स्कूल जाएगा, दोस्तों के साथ खेलेगा और अपने भविष्य के सपनों को पूरा करेगा।
“हमारे बच्चे को मिला नया जीवन”
भार्गव के माता-पिता ने बेटे के सफल उपचार पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, एम्स रायपुर के चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ ने उनके बेटे को स्वस्थ जीवन देने के साथ पूरे परिवार को नई उम्मीद दी है।
बच्चे के उपचार में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के निर्देशन में प्रोजेक्ट धड़कन की नोडल अधिकारी डॉ. प्रीति नारायण, चिरायु नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता सोनवानी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजयलक्ष्मी अनंत, डीपीएम श्री मनीष कुमार मैजरवार, कंसल्टेंट डॉ. रंजना गायकवाड़, बीपीएम श्री दीपक मीरे सहित चिरायु टीम के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अब भार्गव स्वस्थ है और उसके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ ने एक परिवार की चिंता को खुशियों में बदलते हुए एक मासूम के सपनों को नई उड़ान दी है।




