बीना मध्यप्रदेश| बीना शहर में यूं तो हर जगह की तरहां बहुत नये पुराने शिक्षक हैं लेकिन एक ऐंसे शिक्षक जो अपने रिटायरमेंट के बाद आज 24 साल बाद भी अपने अनुशासन और नियमों के लिए प्रसिद्ध हैं पुरूषोत्तम नारायण नारायण (P.N.Nayak) . पी एन नायक का जीवन हमेशा से नियमबद्ध और कड़े अनुशासन का रहा है शिक्षा क्षेत्र में और नगर में अपनी एक अलग पहचान बनाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी , वे अंग्रेजी के शिक्षक रहे और अंग्रेजी पढ़ाने का उनका ऐंसा तरीका रहा कि कमजोर से कमजोर विद्यार्थी भी अंग्रेजी में कभी फेल नहीं हुआ।
उन्होंने स्वयं एक चार्ट तैयार किया था जो बीना के साथ साथ भोपाल इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी काफी चर्चित रहा क्योंकि उस चार्ट को समझने के बाद कोई बच्चा टेंस और व्याकरण में आसानी से महारत हासिल कर लेता था एक हिसाब से उन्होंने अंग्रेजी को बहुत सरल बना दिया था। वे पूरे जीवन में अभी भी किसी भी कार्य में एक मिनट भी लेट नहीं हुए वक्त के पक्के रहे।
नेता अफसर और नगरवासी सब छूते हैं पैर
पी.एन.नायक जी का सम्मान ऐसा है कि जब भी वे किसी के सामने आते हैं तो लोग उनके पैर छुए बिना नहीं रह पाते चाहें बड़े अधिकारी हों नेता हों या नगर के लोग हों, सब नायक सर के जीवन से बहुत प्रभावित हैं और उनका बहुत सम्मान करते हैं।
कभी किसी से डरे नहीं और कभी ग़लत नहीं होने दिया
नायक सर का नाम इसलिए भी सम्मान से लिया जाता है क्योंकि वे कभी भी अपनी नौकरी के समय में किसी से भी डरे नहीं चाह गुंडे बदमाश हों या कोई भी पहुंच पकड़ वाला व्यक्ति हो । बहुत बार देखा जाता है कि लोग अपने दबदबे का फायदा उठा कर कुछ भी ग़लत करवा लेते हैं पर नायक सर के रहते ना कभी स्कूल में कुछ ग़लत हुआ ना किसी की गुंडागर्दी चल सकी उनका इतना खौफ था कि हर कोई उनके नाम से ही डरता था।
नायक सर को सभी करते हैं बहुत प्यार
आज भी नायक सर के लिए सबके दिलों में बहुत प्यार और इज्जत है आज उनसे पढ़ें विद्यार्थियों के बच्चों के बच्चे भी हो गये हैं और अभी भी पुराने विद्यार्थी जिद करत हैं कि हमारे बच्चों को भी आप पढ़ाइए लेकिन अब 85 की उम्र होने के कारण सर अब पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि पढ़ाने में मानसिक मेहनत बहुत होती है। आज भी नायक सर का वही जलवा है जो नौकरी के समय रहता था ।
ऐंसा कोई नहीं जो उनकी बात का मान ना रखे या उन्हें अनदेखा करे।
अपनी सच और स्पष्ट बात कहने के लिए मशहूर
P.N.Nayak स्पष्टवादी व्यक्ति हैं और इसलिए वे बहुत मशहूर हैं क्योंकि सामने कोई भी क्योंकि ना हो वे कभी उसे खुश करने के लिए या किसी दबाव के कारण भी झूठ नहीं बोलते वे स्पष्ट बोलते और सच बोलते हैं । यही उन्होंने अपने विद्यार्थियों को भी सिखाया की जीवन में कभी झूठ मत बोलो और स्पष्ट बोलो समय का सही उपयोग करो और किताबों से प्यार करो।
सेहत के प्रति सजग रहते हैं
नायक बचपन से ही सुबह 4 बजे जाग जाते हैं और 70 तरहां के योगासन करते हैं उसके बाद पूजा पाठ कर अपना दिन शुरू करते हैं रात 9 बजे तक सो जाते हैं।
आज 85 की उम्र में भी वे 4 बजे जाग कर 70 तरहां के योगासन भी करते हैं ये उनसे सीखने वाली बात है युवाओं को कि हमें अपनी सेहत के लिए किस हद तक हमेशा जागरूक रहना चाहिए।
आज शिक्षक दिवस पर श्री पी.एन.नायक जी को समस्त नगरवासियों की तरफ से बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं बधाइयां आप सदा स्वस्थ रखें दीर्घायु हों यही हम सभी कामना करते हैं।



