नारायणपुर | नारायणपुर मुख्यालय से 42 किलोमीटर दूर अबूझमाड़ के कच्चापाल जलप्रपात जो दुर्गम रास्ते घने जंगलों और पहाड़ी रास्तों से होकर लगभग 80 फीट की ऊंचाई से पानी चट्टानों से टकराकर नीचे गिरता है ,जो प्रकृति की चादर ओढ़े लोगों को आजकल बहुत ही ज्यादा आकर्षित कर रहा है|
यह झरना एक अनमोल तोहफा जो एक चमत्कार से काम नहीं है ,पहले यह इलाका घोर नक्सलगढ़ जो नक्सलियों के चंगुल में था, लाल आतंक की मौजूदगी होने के कारण प्रकृति के इस अनमोल वाटरफॉल की खूबसूरती से दूर होने की प्रमुख वजह माना जा रहा है, कच्चापालअब नक्सल मुक्त गांव हो चुका हैं,
इसकी प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए यहां नारायणपुर के अलावा दूसरे जिले के लोग दूर-दूर से आ रहे हैं, कच्चा पाल जाने के लिए गाड़ी को खड़े कर जंगली रास्तों से 2–3 से किलोमीटर दूरी पैदल चलना पड़ता है, आज हमारी टीम वहां पहुंची और इस खबर को प्रमुखता से दिखाया ,यदि शासन प्रशासन इसकी ओर ध्यान देते हैं तो यह वाटरफॉल देश-विदेश मे अपनी एक अलग पहचान बनाएगा|



