बब्बी शर्मा संभाग सरगुजा ब्यूरो :-
खड़गवां | तहसील कार्यालय खड़गवां से मिले आदेश के बाद भी किसान चक्कर लगा रहे हैं पटवारी देवता को नारियल सूपाडी एवं फूल अर्पित कर दिए हैं उसके बाद भी काम नहीं हो रहा है?
रिश्वत की रकम थोडी बहुत नहीं कम से कम 10 हजार रुपए का रेट रिश्वत का लगभग फिक्स कर रखी है ?
एमसीबी जिले के खड़गवां तहसील के राजस्व विभाग में अंधेर नगरी मची हुई है चाहे वो छोटे कर्मचारी क्यों ना हो इससे लेकर बड़े अधिकारी तक लोगों को इस कदर परेशान कर रखा है कि लोग यह कहने लगे हैं की कौन सी सरकार आएगी तब जाकर राजस्व के मामले में लोगों की परेशानी खत्म होगी। राजस्व मामले में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता यह कोई आम बात नहीं है और प्रदेश में कई बार रिश्वत के साथ पटवारी पकड़े भी गए हैं पर इसके बावजूद यह रिश्वत वाला चलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा ऐसा लग रहा है कि इन्हें तनख्वाह ही रिश्वत लेने की दी जा रही है |
बिना रिश्वत के एक कागज पर साइन नहीं होता किसानों के छोटे छोटे काम की राशि पटवारी के द्वारा लिए जाने के बाद भी किसान को पांच माह से सिर्फ तारीख पर तारीख ही पटवारी के द्रारा दी जा रही है। खड़गवां तहसील में कई ऐसे मामले देखे जा सकते हैं। जबकि कैबिनेट मंत्री के गृहक्षेत्र में किसान इन पटवारीओ की प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं?
इसके बावजूद इस पर नियंत्रण लगा पाने में सरकार भी नाकाम होती दिख रही है। पटवारियों का तो हाल और भी बुरा है पटवारी हर काम के लिए बिना पैसे के कागज पर हस्ताक्षर नहीं करते सील लगाकर रखेंगे पर हस्ताक्षर तो पैसा मिलने के बाद ही करेंगे। ऐसा ही कोई मामले सामने आ रहे है।
खड़गवां तहसील क्षेत्र के पटवारी हल्का नंबर 14 में बहुत शिकायत ग्रामीणों के द्वारा किया जा रहा है कि पटवारी के द्वारा किसानों से सेवा शुल्क की राशि लेने के बाद भी किसान पटवारी के चक्कर लगाते थक गये है
सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि पटवारीओ के द्वारा समस्त कार्यो के लिए ग्रामीणो को अपने निजी आवास में बुलाया जाता है। ग्रामीणो का कार्य तभी होता है जब पटवारी के द्वारा निर्धारित रेट की रकम जब तक ग्रामीण ना दे तब तक उसे घुमाया जाता है। यहां तक कि पटवारी कार्यो के लिए रेट निर्धारित करके रखे हुए है।
जबकि खड़गवां विकास खण्ड के पोड़ी बचरा क्षेत्र में एक पटवारी के द्वारा मोबाइल पर पैसा मांगने की रिकार्डिंग वायरल हुई थी और कोड़ा में भी पटवारी के द्वारा पैसे मांगने का ओडियो विडियो भी वायरल हुआ था।जिस पर कार्यवाही भी हुईं थीं?
पटवरियों पर प्रशासनिक कसावट नही होने से पटवारी बेलगाम से हो गए है। अपने हल्का में कभी बैठते नही है। बल्कि अपने निजी निवास को ही अपना हल्का बना कर रखे हुए है। जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कई दफा करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है जिसके कारण इनका हौसला काफी बुलंद हो गया है?
इस संबंध में तहसीलदार खड़गवां से जानकारी चाही तो उन्होंने ने कहा कि जो किसानों का कार्य नहीं हो रहा है उन्हें मेरे पास भेजे?
सीधी गबेल तहसीलदार खड़गवां



