सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शासकीय बालक विद्यालय मैदान में आज राज्योत्सव 2025 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेण्डी, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम की अध्यक्षता एवं जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ महतारी एवं भारत माता के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर आज के समारोह का शुभारंभ किया।
विधायक विक्रम उसेण्डी ने विभागों द्वारा लगाई गई योजनाओं एवं विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों ने शासन की प्रमुख योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया था। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कृषि, वन, उद्योग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विद्युत, जनसंपर्क सहित कई विभागों की झलक देखने को मिली। प्रदर्शनी में नारायणपुर जिले में संचालित विकास कार्यों की जानकारी आम नागरिकों को दी गई, जिससे लोग शासन की योजनाओं से और अधिक जुड़ते हुए नजर आए।
इस अवसर पर अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेण्डी ने जिलेवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार राज्य को तीव्र गति से आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि जिनकी दूरदृष्टि से यह राज्य अस्तित्व में आया, आज वह उनके सपनों के अनुरूप प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। उसेण्डी ने कहा कि नारायणपुर के प्राकृतिक और भौगोलिक दृष्टि से समृद्ध जिला है, जिसे विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक जलप्रपात हांदावाड़ा, कच्चापाल सहित कई दर्शनीय स्थल अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित है। उन्होंने कहा कि राज्य में तेजी से नक्सलवाद समाप्त हो रहा है और 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ पूर्ण रूप से नक्सलमुक्त हो जाएगा।
उसेण्डी ने बताया कि कांकेर के पखांजूर जैसे इलाकों ने मत्स्यपालन में मिसाल कायम की है और देश के अन्य मत्स्यपालकों को राह दिखाई है। छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों के 59 हजार से अधिक परिवारों को पीएम जनमन योजना का लाभ मिल रहा है। ग्रामों को धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना से जोड़ा गया है। हमारी सरकार ने बस्तर में पैर पसार चुके माओवादियों से भी कठिन संघर्ष किया। हमारी सरकार को 22 महीनों में हमे माओवाद के कैंसर को नष्ट करने में प्रभावी सफलता मिली है। हमारे जवानों ने अब तक 477 से अधिक नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया है। 1801 से अधिक नक्सलियों को गिरफ्तार किया है और 2152 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
हमारे सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बसवराजू जैसे माओवादी संगठन के महासचिव को न्यूट्रलाइज कर माओवादियों की रीढ़ तोड़ दी।ऽ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति भी इसके पीछे बड़ी वजह है। हम आत्मसमर्पित नक्सलियों को गांव में खेती की जमीन अथवा शहर में रहने के लिए प्लाट दे रहे हैं। तीन वर्ष तक हर महीने 10 हजार रुपए रुपए देने का भी प्रावधान है। उनके लिए 15 हजार प्रधानमंत्री आवास हमने स्वीकृत किये हैं। उनकी स्किल ट्रेनिंग की व्यवस्था है। उद्यम आरंभ करने पर भी हम अनुदान प्रावधान दे रहे हैं। निजी क्षेत्र के उद्योगों में रोजगार करने पर इनके वेतन का 40 प्रतिशत सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।
उसेण्डी ने कहा कि माओवाद से प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य आरंभ हो गये हैं। इसके लिए साय सरकार ने नियद नेल्ला नार योजना लाई है। इस योजना के माध्यम से 10 किलोमीटर की परिधि वाले गांवों में ग्रामीणों को पानी-बिजली, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, केसीसी, उज्ज्वला योजना जैसी सभी बुनियादी सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। इन गांवों में पक्की सड़कें बन रही हैं स्कूल आबाद हो रहे हैं। विकास का नया सूरज यहां फैल रहा है। इन 22 महीनों में बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से दुनिया ने बदलते हुए बस्तर के इस आकर्षक स्वरूप को देखा। बस्तर रेड कारिडोर से ग्रीन कारिडोर में बदल रहा है। हमारा संकल्प है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त की बात कही।
उसेण्डी ने कहा कि बस्तर का कोदो-कुटकी, रागी विश्व भर में मिलेट्स के रूप में लोकप्रिय हो रहा है। बस्तर और छत्तीसगढ़ के लोग तो इसकी खूबी पहले ही जानते थे अब दुनिया भर के लोगों ने इसे मान लिया है। हर जगह मिलेट्स कैफे खुल रहे हैं। छत्तीसगढ़ का ट्रेडिशनल फूड अब दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है। हमारी माताएं बहने के सशक्तिकरण के लिए हमने महतारी वंदन योजना आरंभ की।
साय सरकार ने केवल तीन महीने के भीतर ही इस योजना के लिए हितग्राहियों का चयन किया और अब तक 20 किस्तों में 13 हजार करोड़ की राशि लगभग 70 लाख महिलाओं के खाते में अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन को अपनाया गया है। हमने डिजिटल गवर्नेंस को अपनाने के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की है। सरकारी काम-काजों के लिए ई-आफिस प्रणाली अपनाई गई है। खनन प्रभावित क्षेत्रों का डीएमएफ के जरिए विकास किया जा रहा है। हम पर्यावरण अनुकूल विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने कहा कि इस वर्ष हम छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के विकास, उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता के त्यौहार का उत्सव मना रहे हैं। यह महोत्सव हमें हमारी पहचान, संस्कृति और जनसहभागिता की शक्ति का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के इस रजत वर्ष ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि मेहनत, संस्कृति और विकास की जीवंत कहानी है।
कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने राज्योत्सव एवं रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिले की उपलब्धियों, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर संगम है। विभागीय प्रदर्शनियों के माध्यम से विकास की झलक प्रस्तुत की गई, वहीं लोक कलाकारों ने हमारी सांस्कृतिक पहचान को मंच पर चित्रण किया। सबसे विशेष यह रहा कि जिले के ग्रामीण अंचलों से लेकर नगर के नागरिकों तक, हर किसी ने इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर भागीदारी की।
एक समय था जब नारायणपुर के कई गाँव विकास की मुख्यधारा से दूर थे, लेकिन आज राज्य सरकार की दूरदर्शी योजनाओं और प्रशासन की सतत् प्रयासो से वे गाँव भी उजाले से जगमगा रहे है। नियद नेल्लानार योजना जैसी पहलें इस परिवर्तन की मिसाल हैं, जिनसे शासन की योजनाएँ अब अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इन्द्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, जनपद पंचायत ओरछा के उपाध्यक्ष मंगडूराम नूरेटी, पुलिस अधिक्षक रॉबिनसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मंडावी, जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्य, नगर पालिका के पार्षदगण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,आम नागरिक, पत्रकारगण उपस्थित थे।



