अमित दुबे की रिपोर्ट:-
बिलासपुर।बिलासपुर रेलवे ज़ोन के अंतर्गत हाल ही में बिलासपुर के समीप हुई भीषण ट्रेन दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन की घोर लापरवाही, भर्राशाही और गैरज़िम्मेदाराना रवैये को लेकर आज जिला कांग्रेस कमेटी सहित आम छत्तीसगढ़िया जनमानस सड़कों पर उतर आया। दुर्घटना में जान गंवाने वाले दिवंगत लोगों के परिजनों एवं गंभीर रूप से घायल यात्रियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने रेलवे जीएम कार्यालय का घेराव, रैली, धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम कर अपना तीखा विरोध दर्ज कराया।
दुर्घटना के बाद प्रशासन की उदासीनता पर उबल पड़ा जनआक्रोश
मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि दुर्घटना के बाद रेल प्रशासन की कार्यशैली पूरी तरह लापरवाह और असंवेदनशील रही। राहत और बचाव कार्य में देरी, पीड़ित परिवारों से सही संवाद का अभाव और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को छिपाने की कोशिश ने स्थानीय जनमानस में भारी रोष पैदा किया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिलासपुर रेलवे ज़ोन में लगातार अव्यवस्था बढ़ रही है, ट्रैक मेंटेनेंस, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा प्रबंधन की लापरवाही यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रही है।
कांग्रेस कमेटी ने उठाई कई प्रमुख मांगें
- जिला कांग्रेस कमेटी ने इस दौरान रेलवे प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं—
- दुर्घटना में दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता दी जाए।
- घायलों के इलाज की संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे उठाए और श्रेष्ठ चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- दुर्घटना की उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
- बिलासपुर रेलवे ज़ोन में व्याप्त अव्यवस्थाओं को तत्काल दूर कर रेल यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- रेलवे ज़ोन में मानव संसाधन, उपकरणों और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।


“न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा” — विजय केशरवानी
जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर के ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनहित और मानवीय संवेदनाओं से प्रेरित है।
उन्होंने कहा—
“रेलवे प्रशासन की लापरवाही ने अनेक परिवार उजाड़ दिए हैं। जब तक दिवंगतों को न्याय और घायलों को समुचित सहायता नहीं मिलती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। रेलवे ज़ोन में फैली अव्यवस्था को समाप्त करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।”
भारी जनसंगठन, शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली प्रदर्शन
इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों, स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए रेलवे जीएम कार्यालय पहुँची, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने अपने मांगपत्र सौंपे और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।



