अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। सेवा सहकारी समिति रतनपुर (पंजीयन क्रमांक 256) में ऑनलाइन टोकन व्यवस्था की गंभीर समस्या से जूझ रहे किसानों की आवाज सीधे सुनने बुधवार को कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव स्वयं रतनपुर धान खरीदी केंद्र पहुंचे। खरीदी केंद्र प्रांगण में बरगद के पेड़ की छांव तले उन्होंने किसानों के बीच बैठकर जन चौपाल आयोजित की और उनसे सीधे संवाद स्थापित किया। किसानों ने खुलकर अपनी परेशानियों को रखा और धान खरीदी प्रक्रिया में हो रही अव्यवस्थाओं से विधायक को अवगत कराया।
ऑनलाइन टोकन प्रणाली बनी किसानों की सबसे बड़ी मुसीबत
किसानों ने जन चौपाल के दौरान बताया कि धान विक्रय के लिए ऑनलाइन टोकन जारी करने वाली सरकारी ऐप लगातार तकनीकी समस्याओं से जूझ रही है—
- ऐप समय पर खुलती नहीं है,
- टोकन कुछ ही मिनटों में ‘जीरो’ दिखा देता है,
- कई किसानों के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं है, जिससे वे ऑनलाइन प्रक्रिया में भाग ही नहीं ले पा रहे हैं।
- किसानों ने बताया कि वे कई दिनों से केंद्र के चक्कर काट रहे हैं लेकिन टोकन न मिलने से धान बेचना मुश्किल हो गया है।

विधायक ने सरकार की व्यवस्था पर उठाए सवाल
किसानों की समस्याएं सुनने के बाद विधायक अटल श्रीवास्तव ने ऑनलाइन व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा—
“सरकार ने 70% ऑनलाइन और 30% ऑफलाइन टोकन का जो मॉडल लागू किया है, वही किसानों की परेशानी का मुख्य कारण है। सही व्यवस्था यह होनी चाहिए थी कि 70% टोकन ऑफलाइन और 30% ऑनलाइन हों। वर्तमान प्रणाली किसान-हितैषी नहीं है और सरकार की नीयत धान खरीदी सीमित करने की प्रतीत होती है।”
उन्होंने अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था में सुधार करने और किसानों को राहत देने के निर्देश दिए।

प्रति दिन खरीदी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता—विधायक
रतनपुर धान खरीदी केंद्र में फिलहाल प्रतिदिन लगभग 1120 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह क्षमता अपर्याप्त साबित हो रही है।
विधायक ने कहा—
- “केंद्र की खरीदी क्षमता को कम से कम 2000 क्विंटल प्रतिदिन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। तभी किसानों को समय पर धान बेचने का अवसर मिलेगा और अव्यवस्था खत्म होगी।”
- उन्होंने व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र प्रबंधन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
- जन चौपाल में मिला किसानों को भरोसा: विधानसभा में उठेगी आवाज
विधायक अटल श्रीवास्तव ने किसानों को आश्वस्त किया कि धान खरीदी केंद्रों की समस्याओं को लेकर वे आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से मुद्दा उठाएंगे, ताकि जल्द ही व्यवहारिक और स्थायी समाधान प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि धान खरीदी किसानों की जीवन रेखा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



