नागेश साहू की रिपोर्ट :-
मुंगेली – प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY), जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी सड़कों से जोड़कर विकास को गति देना है, जो अपने लक्ष्य से भटकती नजर आ रही है।मुंगेली पंडरिया मुख्य मार्ग से ग्राम बाकी तक बन रही सड़क की गुणवत्ता ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन हुआ है। गड्ढों से भरे सड़क का पुनः निर्माण से ग्रामीण बहुत आनंदित थे लेकिन इस महत्वपूर्ण योजना के तहत बनाई गई सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई है।
PMGSY सड़कों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन ये सड़क बनने के कुछ ही दिन में उखड़ना शुरू हो गई हैं। सड़क की ऊपरी परत (सरफेसिंग) जल्दी ही टूट रही है, जिससे गिट्टी बाहर निकल रही है। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री (जैसे कोलतार और गिट्टी) की गुणवत्ता और अनुपात पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है।
घटिया निर्माण के पीछे मुख्य रूप से ठेकेदारों की लापरवाही और संबंधित सरकारी अधिकारियों/इंजीनियरों की निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) के नियमों का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है और अधिकारी मौके पर जाकर ठीक से निरीक्षण नहीं करते हैं।
योजना की खराब गुणवत्ता की शिकायतें बढ़ने के बाद, प्रशासन ने जाँच के आदेश दिए हैं। जिसमें में सुधार के नाम पर सिर्फ लीपापोती हो रही है। ठेकेदार के गुणवत्ताहीन कार्य से निराश गांव व प्रभावित क्षेत्र के लोगों की माँग है कि सिर्फ जाँच ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार ठेकेदारों और भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, और सड़कों का निर्माण उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पुनः किया जाना चाहिए।
“PMGSY ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा है। यदि इसी तरह घटिया सड़कें बनती रहीं, तो यह योजना देश के विकास के बजाय भ्रष्टाचार का प्रतीक बन जाएगी।”



