अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप देश को वर्ष 2030 तक फाइलेरिया (हाथी पांव) जैसी गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी से पूर्णतः मुक्त करने के लक्ष्य को लेकर जिले में सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज सेजस कन्या शाला रतनपुर में विद्यालयीन छात्राओं को फाइलेरिया रोधी दवा की खुराक सुरक्षित रूप से सेवन कराई गई।
कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें वार्ड पार्षद सुनील अग्रवाल की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालय के कक्षा शिक्षक एवं समस्त शिक्षकीय स्टाफ कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी की निगरानी में छात्राओं को दवा का सेवन कराया गया, जिससे किसी भी प्रकार की आशंका या भय की स्थिति न बने।

इस अवसर पर उपस्थित डॉ. विक्रांत घोरे ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर परंतु पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। समय-समय पर सामूहिक दवा सेवन से इस रोग के संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह दवा पूर्णतः सुरक्षित है और निर्धारित आयु वर्ग के सभी लोगों को इसका सेवन अवश्य करना चाहिए। दवा का नियमित सेवन ही फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में सबसे प्रभावी उपाय है।और फाइलेरिया की दवाई का सेवन छोटे बच्चों गर्भवती महिला और गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को नहीं करना है
डॉ.विजय चंदेल ने यह भी स्पष्ट किया कि फाइलेरिया से ग्रसित व्यक्ति को हाथ-पांव में सूजन, शारीरिक अक्षमता और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, इसलिए रोकथाम ही इसका सर्वोत्तम उपचार है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने परिवारजनों को भी दवा सेवन के लिए प्रेरित करें, ताकि पूरा समाज इस अभियान का सहभागी बन सके।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चों को स्वच्छता, मच्छर नियंत्रण और व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। विद्यालय परिसर में जागरूकता का सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।
सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के माध्यम से रतनपुर क्षेत्र में फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक और सार्थक कदम बढ़ाया गया है, जो निश्चित रूप से वर्ष 2030 तक फाइलेरिया मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।



