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अल-नीनो के संभावित प्रभाव एवं मौसम की अनिश्चितताओं को देखते हुए किसानों से योजना का लाभ लेने की अपील।
जिले में बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड करेगी फसल बीमा का क्रियान्वयन।
बुलंद टाइम्स न्यूज/विकास भुवाल
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के अनुसार जिले में खरीफ मौसम के दौरान धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग, अरहर, कोदो, कुटकी, रागी तथा मूंगफली फसलों को योजना के अंतर्गत अधिसूचित किया गया है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से योजना का लाभ लेकर अपनी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के विरुद्ध सुरक्षित करने की अपील की है।
योजना के तहत धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का एवं सोयाबीन के लिए ग्राम को इकाई क्षेत्र तथा उड़द, मूंग, अरहर, कोदो, कुटकी, रागी एवं मूंगफली के लिए राजस्व निरीक्षक मंडल को इकाई क्षेत्र निर्धारित किया गया है। योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक तथा बटाईदार कृषक भी ले सकते हैं। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन के लिए बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया है।
कृषि विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी एडवाइजरी में इस वर्ष अल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए मानसून के देर से आने, समय से पहले समाप्त होने तथा फसल अवधि के दौरान लंबे समय तक वर्षा नहीं होने जैसी परिस्थितियों की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसे में किसानों के लिए फसल बीमा प्राकृतिक जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम साबित होगा।
योजना के अंतर्गत धान (सिंचित) के लिए 66,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा धान (असिंचित) के लिए 49,500 रुपये प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसानों को बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा। इसके अनुसार धान (सिंचित) के लिए 1,320 रुपये प्रति हेक्टेयर तथा धान (असिंचित) के लिए 990 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देय होगा।
इसी प्रकार अन्य अधिसूचित फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि निर्धारित की गई है, जिसमें उड़द – 550 रुपये, मूंग – 550 रुपये, मूंगफली – 924 रुपये, मक्का – 1,122 रुपये, अरहर – 902 रुपये, सोयाबीन – 1,078 रुपये, कोदो – 396 रुपये, कुटकी – 209 रुपये तथा रागी – 187 रुपये शामिल हैं।
उप संचालक कृषि, बेमेतरा ने बताया कि बाढ़, सूखा, जलप्लावन, ओलावृष्टि सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति होने की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और प्राकृतिक जोखिमों को देखते हुए प्रत्येक पात्र किसान को अपनी फसल का बीमा अवश्य कराना चाहिए, ताकि विपरीत परिस्थितियों में होने वाले नुकसान की भरपाई की जा सके। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से समय-सीमा के भीतर बीमा कराकर योजना का लाभ लेने की अपील की है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि रक्षक पोर्टल अथवा कृषि रक्षक हेल्पलाइन (KRPH-14447) पर संपर्क कर सकते हैं।



