मध्यप्रदेश | बीना मध्यप्रदेश शाहपुर में हुए हादसे के बाद नगर पालिका लगातार शहर में स्थित जर्जर मकान तोडऩे की कार्रवाई कर रही है, लेकिन नपा खुद के जर्जर निर्माण को नहीं तोड़ रही है। माध्यमिक स्कूल क्रमांक एक के पास जर्जर हो चुकी टंकी को गिराने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। जबकि नई टंकी बनने के बाद करीब छह वर्षों से इसमें पानी भी नहीं भरा गया है। इसके बाद भी इसे तोड़ा नहीं जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 47 वर्ष पूर्व बनाई गई पानी की टंकी में 2 लाख गेलन पानी भरने की क्षमता थी। टंकी जर्जर होने से उसके बाजू से दूसरी नई टंकी बनाई गई और उससे पानी की सप्लाई भी शुरू हो चुकी है, लेकिन जर्जर टंकी आज भी वहीं बनी हुई है, जिससे किसी दिन बड़े हादसे की आशंका है। टंकी की सीढिय़ां टूटने लगी हैं और टंकी के ऊपर की छत भी टूट कर उसके अंदर गिर रही है। इसके बाद भी टंकी को गिराया नहीं जा रहा है। यदि किसी दिन हादसा होता है, तो स्कूली बच्चों की जान भी खतरे में आ सकती है।
वार्डवासियों को भी है खतरा
जर्जर टंकी के आसपास ही मकान बने हुए हैं और वहां रहने वाले लोगों को भी खतरा बना रहता है। वार्डवासी इसे गिराने की मांग भी कर चुके हैं। लोगों का कहना है कि जब नगर पालिका शहर के जर्जर मकान गिरा रही है, तो इस टंकी को सबसे पहले गिराया जाना था, जिससे खतरा टल जाए।
नई टंकी भी स्कूल के पास
पुरानी टंकी जर्जर होने के बाद नई टंकी भी स्कूल के पास ही बना दी गई है। इसकी दूरी स्कूल से कुछ फीट ही है। टंकी बनाते समय इसपर आपत्ति भी उठाई गई थी, लेकिन इस तरफ किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया है।
जल्द गिराई जाएगी टंकी नपा के जर्जर भवन, टंकियों का सर्वे किया जा रहा है और उत्कृष्ट स्कूल के पास बनी टंकी को जल्द गिराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।






