रामेश्वर सिंह क्षत्रिय बुलंद टाइम न्यूज़ ;-
जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ — भारत सरकार के केंद्रीय रेल मंत्री माननीय अश्विनी वैष्णव जिनका जैसा नाम वैसी गुण ( छत्तीसगढ़ी में कहावत है बावा मांग मांग के खावा, जहां पावा तहा रात रात के रुक जाव!) वैसी भारत भर मे रेलगाड़ी की स्थिति है 10 10 20 20 घंटे सभी गाड़ी लेट चलते चलते जहां पा रही है वहीं रात मे रुक जा रही है माननीय मोदी जी ने जिस आदमी का जैसा गुण ( व्यवहार )है वैसी उनके विभागों का भी बटवारा कर दिए हैं हमारे हिंदू संस्कृति मेंबावा ( वैष्णव ) जाति के लोगों को भी पंडित का दर्जा मिला हुआ है|
इसीलिए मोदी के साथ-साथ भारत के सभी रेल यात्री भी चल रहे हैं कहां कब पहुंचना है यात्रियों को भी पहुंचने का समय और पता नहीं चल पाता! यह है भारतीय रेल और उसकी विभाग के मंत्री! माननीय मंत्री जी का नाम है अश्वनी ( घोड़ा) लेकिन उनकी रेलगाड़ी और कार्य गधे की तरह चल रहे हैं इस बात में 100% सच्चाई है क्योंकि मैंने भी स्वयं रेलगाड़ी में बैठकर अनुभव कर रहा हूं जिस स्टेशन से मैं यात्रा प्रारंभ करने वाला था |
दोपहर 2:00 बजे उसे स्टेशन से मैं इस रेलगाड़ी में शाम को 7:00 बजे बैठा और मुझे जहां पहुंचना था दूसरे दिन शाम को 7:00 बजे पर जहां रात को 12:00 बजे तक नहीं पहुंच पाया यह स्थिति उत्कल कलिंगा एक्सप्रेस पुरी से योग नगरी ऋषिकेष तक की रहीं मैं भी बैठकर रात भर भुगत रहा हूं!
इसीलिए वैष्णव (बावा )जी आपसे विनम्र निवेदन है कि कम से कम रेलगाड़ी को आपका सरनेम के हिसाब से ना चला कर अश्वनी की तरह चलवाने का प्रयास करें ताकि मेरे साथ-साथ सभी रेल यात्रियों को थोड़ी सी सुविधा मिल सके और आपको पंडित का दर्जा देकर थोड़े-थोड़े प्रणाम कर सके! धन्यवाद!




