अमित दुबे की रिपोर्ट
पाली (कोरबा)। कोरबा जिले के पाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सिल्ली में बेजा कब्जे को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के किसान हरदास पिता पुसउ दास ने अपनी जमीन से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मीडिया के माध्यम से प्रदेश सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। किसान का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा उसके विरुद्ध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जबकि गांव में अन्य स्थानों पर भी कथित रूप से बेजा कब्जे हैं। ऐसे में उन्होंने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
खसरा नंबर 603/4 की जमीन को लेकर मामला
किसान हरदास के अनुसार, ग्राम सिल्ली में उनके पूर्वजों की जमीन खसरा नंबर 603/4 पर है। उन्होंने बताया कि इस जमीन का कुछ हिस्सा पूर्व में बेचा जा चुका है, जबकि शेष भूमि पर वे खेती-किसानी करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क किनारे स्थित जमीन के कुछ हिस्से को लेकर बेजा कब्जे का मामला उठाया गया है, जिस पर उनका कब्जा बताया जा रहा है।
हरदास के मुताबिक, ग्राम पंचायत सिल्ली और पाली तहसील की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर संबंधित अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। नोटिस में अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में 5,000 रुपये का जुर्माना लगाए जाने का उल्लेख होने की बात भी उन्होंने कही है।
जांच के दौरान समझौते में हस्ताक्षर करने का दावा
किसान का कहना है कि जुर्माने की आशंका के चलते जांच के लिए पहुंचे पटवारी, कोटवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में उन्होंने समझौते से संबंधित दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। हालांकि, अब वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं और अपनी जमीन से वंचित नहीं किए जाने की मांग कर रहे हैं।
गांव के सभी अतिक्रमणों की जांच की मांग
हरदास ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत सिल्ली में कुछ पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा भी जमीन पर कथित रूप से बेजा कब्जा किए जाने तथा कुछ रसूखदार लोगों के साथ मिलीभगत कर जमीन बेचे जाने के मामले हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसान ने मांग की है कि गांव में सड़क किनारे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हुए सभी कथित अतिक्रमणों की एक समान प्रक्रिया के तहत जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
सरकार और प्रशासन से न्याय की उम्मीद
किसान हरदास ने प्रदेश सरकार एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई में पक्षपात नहीं होना चाहिए और सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
अब देखना होगा कि प्रशासन किसान की शिकायत पर क्या कदम उठाता है और ग्राम सिल्ली में बेजा कब्जे से जुड़े मामलों की जांच किस प्रकार आगे बढ़ती है।




