गणेश ब्यूरो चीफ
रायगढ़। सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर डीजल का अवैध भंडारण और बिक्री करने का मामला सामने आया है। छाल पुलिस ने ग्राम हाटी-ढोढ़ीखार के पास कार्रवाई करते हुए 415 लीटर डीजल जब्त किया है। इसकी अनुमानित कीमत 41,500 रुपये बताई गई है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 8 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान को जानकारी मिली थी कि हाटी-ढोढ़ीखार मुख्य मार्ग के किनारे एक झोपड़ी में डीजल का अवैध भंडारण कर राहगीरों और वाहन चालकों को बेचा जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां डीजल का भंडारण और बिक्री किए जाने की बात सामने आई।
ड्रमों में भरकर रखा था 415 लीटर डीजल
पुलिस ने मौके से दो प्लास्टिक ड्रमों में भरा लगभग 400 लीटर डीजल और एक पीले रंग की प्लास्टिक जरकीन में रखा 15 लीटर डीजल बरामद किया। इसके अलावा डीजल निकालने में इस्तेमाल होने वाला एक पाइप और एक चाड़ी भी जब्त की गई। जब आरोपी से डीजल के बिल और वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका।
कम कीमत पर खरीदकर अधिक दाम में बेचने का आरोप
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश उर्फ कारू साव (38 वर्ष), पिता कृष्ण उर्फ कृशन साव, निवासी सिथरा, थाना धरमजयगढ़, जिला रायगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मुख्य मार्ग के किनारे झोपड़ी बनाकर रहता था। वह आने-जाने वाले वाहनों से कम कीमत पर डीजल खरीदकर उसे ड्रमों में जमा करता और बाद में अधिक कीमत पर बेचता था।
पुलिस ने ज्वलनशील पदार्थ का असुरक्षित तरीके से भंडारण करने और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने के मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत कार्रवाई की है। आरोपी को 8 अक्टूबर को सुबह 8:40 बजे गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के सुपरविजन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी नासिर खान सहित प्रधान आरक्षक शंकर सिंह क्षत्री, अशोक देवांगन और आरक्षक लालजीत राठिया, राजेश राठौर एवं दिलीप सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण आम नागरिकों के जीवन और संपत्ति के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




