सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर, 29 अक्टूबर 2026// राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर श्री आर. हेमंत ने नारायणपुर जिले का भ्रमण कर विभिन्न क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अबूझमाड़ क्षेत्र में निवासरत अबूझमाड़िया समुदाय के लोगों से मुलाकात कर उनकी स्थिति, आवश्यकताओं और स्थानीय स्तर पर संचालित गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों से संवाद कर उनके प्रशिक्षण टीएवं पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भ्रमण के अंतिम चरण में कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में संचालित विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ईराकभट्टी के मायका केंद्र का किया अवलोकन
भ्रमण के दौरान स्पेशल मॉनिटर श्री आर. हेमंत ने सर्वप्रथम ईराकभट्टी स्थित मायका केंद्र का भ्रमण किया। यहां उन्होंने केंद्र में संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया तथा संबंधित व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र से जुड़ी गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं को समझने के लिए संबंधित लोगों से संवाद किया।
अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में समुदाय की आवश्यकताओं को समझने और वहां संचालित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करने के दृष्टिकोण से यह भ्रमण महत्वपूर्ण रहा। मायका केंद्र के निरीक्षण के बाद स्पेशल मॉनिटर ने क्षेत्र में समुदायों से प्रत्यक्ष संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
कच्चापाल में अबूझमाड़िया समुदाय से की मुलाकात
स्पेशल मॉनिटर श्री आर. हेमंत ने कच्चापाल पहुंचकर अबूझमाड़िया समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने समुदाय के सदस्यों से बातचीत कर उनकी सामाजिक स्थिति, आवश्यकताओं और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को समझने का प्रयास किया।
अबूझमाड़ क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम एवं दूरस्थ होने के कारण यहां निवासरत समुदायों तक बुनियादी सुविधाओं और शासकीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों को समझकर आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं एवं सेवाओं का संचालन किया जाना जरूरी है। समुदाय के लोगों से हुई मुलाकात के दौरान इन विषयों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर का यह भ्रमण मानवाधिकारों से जुड़े विषयों को जमीनी स्तर पर समझने तथा संबंधित समुदायों की परिस्थितियों से अवगत होने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।
पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों से किया संवाद
भ्रमण के अगले चरण में श्री आर. हेमंत ने पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। यहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात की और उनके प्रशिक्षण एवं पुनर्वास से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान केंद्र में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
आत्मसमर्पण के बाद व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और भविष्य में आजीविका के अवसरों के लिए तैयार करने में पुनर्वास संबंधी गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस संदर्भ में पुनर्वास केंद्र का अवलोकन कर वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लोगों से सीधे संवाद किया गया। आत्मसमर्पित व्यक्तियों के पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्थाओं को समझने के लिए यह मुलाकात महत्वपूर्ण रही। इसके माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लोगों के अनुभवों और पुनर्वास प्रक्रिया से संबंधित विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिला।
अधिकारियों के साथ बैठक में विकासात्मक गतिविधियों पर चर्चा
भ्रमण के अंतिम चरण में कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पेशल मॉनिटर श्री आर. हेमंत और अधिकारियों के बीच जिले में संचालित विभिन्न विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में विशेष रूप से अबूझमाड़ क्षेत्र में संचालित गतिविधियों, स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं तथा विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारी साझा की। इस दौरान विभिन्न विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ तथा संबंधित मामलों में आवश्यक सुझाव भी साझा किए गए।
दूरस्थ क्षेत्रों में निवासरत लोगों तक शासकीय सेवाओं की पहुंच, समुदायों की आवश्यकताओं की पहचान और विकासात्मक गतिविधियों के प्रभावी संचालन जैसे विषय ऐसे क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। बैठक के माध्यम से इन विषयों को समझने तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
मानवाधिकार संबंधी विषयों को समझने पर रहा जोर
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर श्री आर. हेमंत का नारायणपुर जिले का भ्रमण विभिन्न समुदायों की परिस्थितियों, आत्मसमर्पित व्यक्तियों के पुनर्वास और जिले में संचालित जनकल्याणकारी गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से समझने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। भ्रमण के दौरान केंद्र का अवलोकन, समुदाय के लोगों से संवाद, पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे व्यक्तियों से मुलाकात तथा अधिकारियों के साथ बैठक जैसे विभिन्न चरण शामिल रहे।
इस भ्रमण से जिले में मानवाधिकारों से संबंधित विषयों, अबूझमाड़िया समुदाय की आवश्यकताओं और विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। साथ ही संबंधित अधिकारियों के साथ संवाद के माध्यम से जिले की स्थानीय परिस्थितियों एवं विकासात्मक गतिविधियों पर चर्चा हुई।




