इंदौर/ मध्यप्रदेश | मध्यप्रदेश के इंदौर में एक पुलिसवाला एक परिवार के लिए फरिश्ता बन गया। यहां अपनी बेटी के साथ एक्टिवा से जा रहे एक पिता को अचानक सीने में दर्द होने लगा। सीने में दर्द होते ही शख्स ने गाड़ी रोकी और रोड़ के किनारे ही लेट गया। पिता को दर्द से कराहता देख बेटी रोने लगी और लोगों से मदद मांगी। तभी एक पुलिसकर्मी वहां पहुंचा और सही वक्त पर अपनी सूझबूझ से शख्स की जिंदगी बचा ली।
फरिश्ता बनकर पहुंचा हेड कॉन्स्टेबल
घटना महू तहसील के किशनगंज इलाके की है जहां पीथमपुर के रहने वाले जगदीश अपनी बेटी के साथ एक्टिवा से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें घबराहट हुई तो उन्होंने गाड़ी रोक दी और रोड के साइड में बैठ गए। जगदीश के सीने में तेज दर्द हो रहा था और वो पसीने से तरबतर हो चुके थे ये देखकर बेटी घबरा गई और रोते हुए मदद की गुहार लगाने लगी। तभी वहां से निकल रहे हेड कॉन्स्टेबल राघवेन्द्र रघुवंशी ने उन्हें देखा तो तुरंत बाइक रोकी और सीपीआर देकर जगदीश की जान बचा ली।
सीपीआर से लौटी सांसें
हेड कॉन्स्टेबल राघवेन्द्र ने कुछ देर तक लगातार जगदीश को सीपीआर दिया जिससे जगदीश की सांसें लौट आईं और सही चलने लगीं। फिर थोड़ी ही देर में जगदीश की हालत सामान्य हो गई। हालात सामान्य होने के बाद जगदीश व उनकी बेटी ने राघवेन्द्र का धन्यवाद जताया और फिर अपने घर के लिए रवाना हो गए।



