सुनील साहु की रिपोर्ट:-
पंडरिया| हरितालिका तीज व्रत एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। यह व्रत भाद्रपद मास की तृतीया को मनाया जाता है, और यह विवाहित महिलाओं के लिए उनके पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए किया जाता है।
हरितालिका तीज व्रत की महत्ता:
विवाहित महिलाओं के लिए पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना।
अविवाहित महिलाओं के लिए भविष्य के पति की कामना।
भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना।
परिवार की सुख-समृद्धि और एकता की कामना।
हरितालिका तीज व्रत की पूजा विधि:
भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा।
व्रत और उपवास।
फूल, फल, और अनाज चढ़ाना।
आरती और मंत्रों का जाप।
चंद्रोदय के बाद पूजा करना।
हरितालिका तीज व्रत के नियम:
व्रत के दिन सूर्योदय से चंद्रोदय तक उपवास करना।
व्रत के दिन केवल जल और फल खाना।
व्रत के दिन शिव और पार्वती की पूजा करना।
व्रत के दिन पति के साथ मिलकर पूजा करना।
हरितालिका तीज व्रत के लाभ:
पति की दीर्घायु और सुखी वैवाहिक जीवन।
परिवार की सुख-समृद्धि और एकता।
भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा।
आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक विकास।



