अमर सिंह ठाकुर की रिपोर्ट:-
बालाघाट | नगर परिषद बालाघाट के तत्वाधान में नगर के शीतल पैलेस के सभागृह में भव्य रुप से वरिष्ठ शिक्षको का सम्मान समारोह एवं बालाघाट गौरव दिवस का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद बालाघाट की अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने की वही मुख्य आतिथि पूर्व केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन , विशिष्ट अतिथि बालाघाट सिवनी संसदीय सांसद भारती पारधी , पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रमेश रंगलानी , पूर्व सहकारी बैक अध्यक्ष राजकुमार रायजादा, पूर्व महिला प्रदेश अध्यक्ष लता एलकर , प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भाजपा मौसम बिसेन , पूर्व भाजपा अध्यक्ष सत्यनारायण अग्रवाल , नगर परिषद के सभी पार्षदगण प्रमुख रुप से उपस्थित रहे ।
अतिथिद्वय द्वारा सर्वप्रथम मां सरस्वती , सर्वपल्ली डा. राधाकृष्णन, डा. एम एम मुलना एवं श्याम बिहारी वर्मा के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया तथा महात्मा गांधी नगर पालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना की गई। तत पश्चात पूर्व केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन द्वारा उपस्थित शिक्षको मे से आर के ज्योतिषी , एल सी जैन , आर के सोनवाने , को मंच पर स्थान देकर उनका तिलक वंदन कर , पुष्पमाला पहना कर शाल फल से सम्मानित किया गया । बिसेन जी ने सभी अतिथिद्वय के साथ मिलकर सभी शिक्षक शिक्षिकाओं का बारी बारी से तिलक वंदन कर पुष्प माला व पुष्प गुच्छ देकर शाल फल के साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाओं का सम्मान किया गया ।
मंच से अशोक सागर मिश्रा ने मध्य प्रदेश गान का गायन कर शिक्षकों के सम्मान में गीत प्रस्तुत किया ।समारोह में उपस्थित शिक्षक शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस पर रमेश रंगलानी , लता एलकर , एल सी जैन , मौसम बिसेन, भारती पारधी , गौरीशंकर बिसेन , एवं भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने सम्बोधित करते हुए अपने अपने शैक्षणिक काल का स्मरण करते हुए संस्मरण सुनायें । पूर्व मंत्री बिसेन ने अपने गुरु स्व. श्याम बिहारी वर्मा जी का स्मरण करते हुए डा. एम एम मुलना का विशेष रुप से उल्लेख किया । भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने अपनी मधुर आवाज में शिक्षक सम्मान में गीत प्रस्तुत किया । अंत में शिक्षा सभापति सरिता सोनेकर ने उपस्थित अतिथिद्वय, शिक्षक शिक्षिकाओं , गणमान्य नागरिक बंधुओं बहनों, नगर परिषद का स्टाफ आदि का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए अपनी शिक्षिका का संस्मरण सुनाया । अंत में स्वल्पाहार के रसास्वादन के बाद सम्मान समारोह का समापन हुआ ।



