तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट :-
जगदलपुर| भारतीय वन अधिनियम 1927एवम छग वनोपज व्यापार (विनिमय)1969 की विभिन्न धाराओं के तहत की गई कार्यवाही बस्तर वन मंडल अंतर्गत विगत एक वर्ष में अलग अलग परीक्षेत्रों में अवैध लकड़ी परिवहन में संलिप्त अलग अलग प्रकार के 07वाहनों की विधिवत सुनवाई उपरान्त प्राधिकृत अधिकरी एवम उपवनमंडलाधीकारी जगदलपुर द्वारा शासन के पक्ष में राजसात करने संबंधी आदेश पारित किया गया|
राजसात किए गए वाहनों में 01मोटर सायकल 02 पिकअप वाहन 01बोलेरो वाहन 01 स्कार्पियो वाहन 02तवेरा वाहन एवम 01इनोवा वाहन शामिल है जोकि अवैध रूप से कुल 3.245 घन मीटर काष्ट परिवहन में संलिप्त पाए गए, उक्त सभी वाहन 30 दिवस की अपील अवधि में मालिकों द्वारा अपील नही किए जाने के कारण अंतिम रूप में शासन के पक्ष में राजसात किए गए|
राजस्व प्रकरण के संबंध में उप वनमंडलाधिकारी जगदलपुर देवालाल दुग्गा ने बताया कि इस प्रकार वन अपराध मैं संलिप्त वाहनों की राजसात करने की कार्यवाही में लकड़ी तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है, हमारे वन अमला द्वारा वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से वन अपराध की रोकथाम हेतु लोगों को जागरूक किया जाता है, साथ ही वन अपराध की दृष्टि से संवेदन शील क्षेत्रों में मुखबिर रखे गए हैं, जो वन अपराध की सुचना तत्काल समीपस्थ वन कर्मियों को देते हैं|
एसे व्यक्तियों की पहचान की गोपनीयता रखते हुए विभाग में निर्धारित पुरस्कार दिए जाने का प्रावधान है, जिससे काफी हद तक लकड़ी तस्करी की घटनाओं में नियंत्रण हुआ है, इस मामले में बस्तर मंडल के मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता (भा व से) द्वारा बताया गया की माननीय वन मंत्री केदार कश्यप जी के आदेशानुसारएवम मुख्य वन संरक्षक आर सी दुग्गा (भा व से) के मार्ग दर्शन में वन एवम वन्य प्राणी अपराधों में लिप्त आरोपियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिए गए हैं साथ ही वन अपराध में लिप्त वाहनों की विधिसम्मत त्वरित कार्यवाही करते हुए राज़सात करने की कार्यवाही हेतु समस्त उप वनमंडलाधिकारीयों को निर्दिष्ट किए गए हैं



