अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर। प्रारंभिक जांच में भ्र्ष्टाचार का आरोप सही पाये जाने पर कलेक्टर के निर्देश पर जहां कोटा बीईओ को पद से हटाकर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, वहीं क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर से निर्देश मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर ने ये कार्रवाई की है।
कोटा बीईओ का प्रभार खुरदूर के प्राचार्य नरेन्द्र प्रसाद मिश्रा को प्रभार सौंपा गया है।
दरअसल कोटा विकासखण्ड की शिक्षिका नीलम भारद्वाज ने पखवाड़े भर पहले कलेक्टर जनदर्शन में एक शिकायत पत्र सौंप बताया कि उनके शिक्षक पति के देहावसान के बाद उनके स्वत्वों के भुगतान के लिए 1.24 लाख रूपये का रिश्वत मांगा जा रहा है।
बीईओ को जानकारी देने के बाद उनके द्वारा भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके शिकायत को टीएल पंजी में दर्ज किया और जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए।
जांच में पाया गया कि बीईओ विजय पाण्डेय एवं लिपिक एकादशी पोर्ते ने मिलकर महिला शिक्षिक को परेशान किया। बिना रिश्वत लिए उनके वास्तविक स्वत्वों को भुगतान नहीं किया जा रहा था। जान बूझकर विलंबित एवं परेशान किया जा रहा था। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर बीईओ विजय टाण्डेय को हटा दिया गया है।
उनके विरूद्ध विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तब तक के लिए उन्हे खुरदूर कोटा में प्राचार्य पद पर कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया हैं। वहीं सहायक वर्ग 2 श्री एकादशी पोर्ते को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन काल में श्री पोर्ते को रतनपुर हायर सेकेण्डरी स्कूल में मुख्यालय नियत किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।





