मुकेश सिंह राजपूत की रिपोर्ट :–
गरियाबंद | कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने आज सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान के संबंध में जानकारी ली गई। उइके ने कहा कि जिले के 334 आदिवासी बाहुल्य गांवों में आदि सेवा केन्द्र की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनजाति समुदायों के अंतिम व्यक्ति तक विकास सुनिश्चित करने के लिए यह योजना लागू की जा रही है।
उन्होंने रजत जयंती समारोह की तैयारियों की भी समीक्षा की और सभी विभागों को विशेष उपलब्धियों के साथ कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में समय-सीमा में डेटा अपलोड करने, तथा ई-ऑफिस का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने शासकीय कार्यालयों में अनुपयोगी सामग्रियों का अभियान चलाकर अपलेखन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना अंतर्गत निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवासों को 31 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बहुद्देशीय केंद्रों की प्रगति की जानकारी भी ली गई। उन्होंने कहा कि जिन सहकारी समितियों में खाद की कमी है, शासन से प्राप्त होने पर तत्काल किसानों को बांटना सुनिश्चित करें। साथ ही ऐसे निजी दुकानों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें जहां अवैध खाद का भंडारण करने की शिकायतें प्राप्त हो रही है। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि खाद का भंडारण के पश्चात सभी विकासखण्डों में वितरण सुनिश्चित करें।
बैठक में कृषि विभाग की समीक्षा में डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए सभी राजस्व अधिकारियों को फील्ड में जाकर सर्वे का काम और तेज गति से करने के निर्देश दिए। उन्होंने संग्रहण केन्द्रों में भंडारित धान का शत प्रतिशत उठाव करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने आवारा पशुओं की समस्या को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पशु मालिकों पर अपने पशुओं को सड़क पर खुला छोड़ने पाए जाने पर जुर्माना लगाना जारी रखें। पंचायत स्तर पर पशुओं को रखने की स्थानीय व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को स्कूल छात्रावास, आंगनबाड़ी केन्द्रों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूलों का विशेष रूप से निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी शिक्षक समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन के गुणवत्ता का भी निरीक्षण करें। बैठक में समय-सीमा में प्राप्त पत्रों की समीक्षा, जनशिकायत निवारण, एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
प्रेस रिपोर्टर मुकेश सिंह राजपूत



