रतनपुर। मां महामाया गौ सेवा धाम द्वारा 25 मई से 27 मई तक तीन दिवसीय भव्य गौ कथा महोत्सव का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर गौ माता की महिमा का श्रवण किया और गौ सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान के रूप में सतीश शर्मा एवं श्रीमती गायत्री शर्मा उपस्थित रहे, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गौ कथा के वाचक पंडित अनुराग कृष्णा दुबे ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने गौ माता की महिमा का बखान करते हुए कहा कि सनातन धर्म में गौ माता को विशेष स्थान प्राप्त है और गौ माता में समस्त देवी-देवताओं का वास माना गया है। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं बल्कि मानवता और संस्कृति की रक्षा का माध्यम भी है। कथा के दौरान उन्होंने समाज में बढ़ती संवेदनहीनता पर चिंता व्यक्त करते हुए गौ रक्षा के लिए सभी हिंदू भाई-बहनों से आगे आने का आह्वान किया।
पंडित अनुराग कृष्णा दुबे ने कहा कि “गौ माता हमारी संस्कृति, आस्था और परंपरा की पहचान है। जिस समाज में गौ माता का सम्मान होता है, वहां सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। आज आवश्यकता है कि हम सभी मिलकर गौ रक्षा और गौ सेवा के लिए संकल्प लें तथा सरकार से मांग करें कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए।”
कार्यक्रम के अंतिम दिवस पर उपस्थित गौ सेवकों एवं श्रद्धालुओं ने एक स्वर में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का समर्थन किया और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
गौ सेवक कुलदीप दुबे ने कहा कि “गौ सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। मां महामाया गौ सेवा धाम लगातार गौ माता की सेवा और संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को गौ सेवा से जुड़कर भारतीय संस्कृति को मजबूत करने का कार्य करना चाहिए।”
तीन दिवसीय इस आयोजन में भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं गौ महिमा का गुणगान किया गया। आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण भी किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित




