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भव्य रैली, पुरखा एवं प्रकृति शक्ति की पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान बना आकर्षण का केंद्र।
बुलंद टाइम्स न्यूज/गणेश भोय
लैलूंगा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को लैलूंगा में आदिवासी समाज की एकजुटता, संस्कृति, परंपरा एवं अधिकारों की जीवंत झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं सामाजिक बंधुजन शामिल हुए। पूरे नगर में आदिवासी नारों, पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्साह और उमंग का वातावरण बना रहा।
विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम की शुरुआत शनिचरी बाजार लैलूंगा से हुई, जहां सुबह 10:30 बजे से बड़ी संख्या में समाज के लोग एकत्रित होने लगे। सुबह से लगातार बारिश के कारण रैली तय समय से 1 घंटा बिलम्ब हुआ। आयोजन समिति द्वारा उपस्थित लोगों के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे शनिचरी बाजार से भव्य रैली प्रारंभ हुई।
रैली रायगढ़ रोड, अटल चौक सहित लैलूंगा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रैली में आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति एवं एकता से जुड़े नारों के साथ पारंपरिक आदिवासी नृत्य एवं लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं एवं पुरुषों की सहभागिता ने रैली को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
रैली के इंद्रप्रस्थ स्टेडियम पहुंचने के पश्चात स्टेडियम के समीप स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद रैली सभा में परिवर्तित हो गई।
कार्यक्रम के अगले चरण में पुरखा एवं प्रकृति शक्ति की विधिवत पूजा-अर्चना कर मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने आदिवासी समाज की वर्तमान स्थिति, अधिकारों, संस्कृति एवं भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखे। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान…
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज के कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को अतिथियों के हाथों पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
आदिवासी अधिकारों और संस्कृति की रक्षा का संकल्प…
कार्यक्रम में वक्ताओं ने आदिवासी समाज के संवैधानिक एवं पारंपरिक अधिकारों की रक्षा पर विशेष जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी जल, जंगल और जमीन, प्राकृतिक संसाधनों एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा। साथ ही पाँचवीं अनुसूची, आरक्षण एवं आदिवासी अधिकारों के संरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी और जागरूकता को आवश्यक बताया गया।
वक्ताओं ने समाज में शराब के सेवन पर प्रतिबंध एवं नशामुक्ति, शिक्षा को बढ़ावा देने, सामाजिक एकता मजबूत करने तथा आदिवासी समाज की रीति-रिवाज, संस्कृति, परंपरा, भाषा, लोककला एवं पहचान को संरक्षित रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आधुनिकता के साथ कदम मिलाते हुए आदिवासी समाज को अपनी मूल पहचान, प्रकृति के साथ अपने पारंपरिक संबंध और पुरखों से प्राप्त सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना होगा।
पूरे आयोजन में समाज की महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठजनों एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। आदिवासी एकता, संस्कृति और सामाजिक चेतना के संदेश के साथ आयोजित विश्व आदिवासी दिवस का कार्यक्रम शाम लगभग 6 बजे गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन लैलूंगा में आदिवासी समाज की एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और अपने अधिकारों एवं पहचान के प्रति बढ़ती जागरूकता का सशक्त संदेश देकर गया।




