बुलंद टाइम्स न्यूज, मैनपुर/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सरगिगुड़ा में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ₹34,980 की राशि के एक ही बिल को दो बार दर्ज कर भुगतान किया गया है, जबकि संबंधित कार्यस्थल पर कोई कार्य दिखाई नहीं दे रहा है।

जानकारी के अनुसार पंचायत अभिलेखों में स्वीकृत कार्य के लिए जियो टैगिंग और जियो ट्रैकिंग की प्रक्रिया पूर्ण होना दर्शाया गया है, लेकिन मौके पर कार्य का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्य वास्तव में हुआ है तो उसका भौतिक सत्यापन कराया जाए और यदि कार्य नहीं हुआ है तो भुगतान की जांच की जाए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचने के बजाय कागजों में ही कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का बंदरबांट किया जा रहा है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह उठता है कि यदि कार्यस्थल पर काम नहीं हुआ तो जियो ट्रैकिंग और भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।




