अमित दुबे की रिपोर्ट ;-
बिलासपुर-नवरात्रि पर्व के दौरान रतनपुर नगर पालिका परिषद की लापरवाही से महामाया देवी दरबार में श्रद्धालुओं को अंधेरे में दर्शन करना पड़ा। करोड़ों रुपये की स्ट्रीट लाइट खरीदने के बावजूद, नगर पालिका इसे समय पर लगाने में विफल रही।
हाल ही में 325 करोड़ रुपये का स्ट्रीट लाइट टेंडर पास होने के बावजूद, नगर पालिका अधिकारियों की लापरवाही से यह परियोजना अधूरी रही। नवरात्रि पर्व के सातवें दिन तक भी महामाया दरबार में रोशनी नहीं हो पाई, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।
नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कर्मचारियों के गोल-मटोल जवाब से यह सवाल उठता है कि क्या नगर पालिका परिषद के पास इस परियोजना को पूरा करने की कोई योजना नहीं है?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल ने ठेकेदार का तत्काल टेंडर रद्द कर उसे पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए उन्होंने आगे बोला कि लाइट खरीदी पर भारी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही है जिसकी जांच करना जरूरी है|
मैं जिला अध्यक्ष महोदय से मिलकर बहुत जल्दी इस लाइट खरीदी की तकनीकी जांच करने का आवेदन दूंगा एवं दूध का दूध और पानी का पानी करूंगा उन्होंने आगे कहा कि महामाया दरबार पर लगी बाजार में आए हुए बाहर से दर्शनार्थी भक्तगण अंधेरे का सामना कर रहे हैं और नगर पालिका परिषद गहरी नींद की मुद्रा में सोई हुई है अब सवाल यह है कि नवरात्रि पर्व के बाद इस लाइट का क्या महत्व रहेगा? क्या नगर पालिका परिषद अपनी विफलता के लिए जवाबदेह होगी?



