तेन सिंह ठाकुर की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | ग्राम पंचायत गरांजी के राहुड (काना हुर्रा) मंदिर के प्रांगण में आनन फानन में ग्राम चौपाल रखी गई थी ग्राम चौपाल में सैकड़ों की संख्या में स्त्री पुरूष शामिल हुए।
ग्राम चौपाल में बैठक का मुख्य मुद्दा गरांजी टेकापारा के जंगल, और गराँजी के सीमावर्ती गांवों में ग्रामीणों द्वारा महीनों से वनों की अवैध कटाई अतिक्रमण के नियत से हो रही थी|
इधर अवैध कटाई की भनक वन अमला को महीनों तक नही लगी, वन अमला कुंभ करण की निंद सोती रही,जब पानी सर से ऊपर तक आया तो ग्राम सरपंच पटेल सहित ग्रामीणों ने आनन फानन में आज ग्राम चौपाल बुलाई, तथा ग्राम चौपाल की सूचना वन परिक्षेत्र अधिकारी इंद्र कुमार यादव को दी तब जाकर वन अमला सक्रिय हुआ,|
चूंकि मामला वनमंत्री, एवम स्थानीय विधायक केदार कश्यप जी के नारायणपुर विधान सभा क्षेत्र का है, जहां सैकड़ों हेक्टयर वन कट कर मरहान में तब्दील हो चुकी है मामला बहुत ही गंभीर हो जाती है , कुल 28 ग्रामीणों ने गरांजी के टेकापारा के जंगल एवम गराँजी के सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिक्रमण के नियत से सैकड़ों हेक्टयर वन को काट डाला है,|
ग्राम सरपंच के संज्ञान मे आते ही ग्राम चौपाल बुलाई गई,तथा चौपाल के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी नारायणपुर को सुचना डी गई, ग्राम चौपाल के माध्यम से सरपंच पिलसाय सलाम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि अवैध रूप से वन कटाई जो की अतिक्रमण की नियत से की गई हो उसका आने वाली समय में क्या दुष्परिणाम होने वाला है को भलीभाती ग्रामीणों को बताता, चूंकि हमारा परिवेश, हमारा जीवन कृषि और वन आधारित है एसे में वनों की अवैध कटाई निंदनीय है, वनों से वनों पज, बहुमूल्य इमारती लकड़ी, उपयोगी जड़ी बूटी उपल्ब्ध होता है,मिलना बंद हो जायेगी।
पुर्व सरपंच गोपाल दुग्गा ने भी अवैध कटाई और अतिक्रमण पर जम कर नाराजगी जताई तथा भविष्य में अवैध कटाई के दुष्परिणाम को बताया, वहीं ग्राम पटेल सीताराम सलाम ने भी अवैध कटाई और अतिक्रमण पर जोरदार नाराजगी जताई, वहीं देर से जागे वन अमला के अधिकारियों ने भी जंगल जंगल बचाओ अभियान की जानकारी ग्रामीणों को दी तब तक सैकड़ों हेक्टयर वन कट चुका था, इसी तरह वन अमला कुंभकर्णनीय निंद में सोता रहा तो आने वाले समय में और भी वनों की अवैध कटाई की रोक पाना मुश्किल है,



