अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर | रतनपुर महामाया मंदिर के पास लगी भीषण आग:4 दुकानें जलकर राख, लाखो का हुआ नुकसान, आग बुझाने में देरी पर दुकानदारों ने किया हंगामा
रतनपुर में दुकानें जलने से व्यापारी हुए परेशान, लाखो का नुकसान,
रतनपुर महामाया मंदिर मे मुख्य गेट जहाँ पार्किंग के साथ स्थानीय मोहल्लो के लोग अपने रोजमर्रा की जिंदगी के लिए नारियल दुकान, होटल, चाय ठेला, पान दुकान कोल्ड ड्रिंक आइसक्रीम, दुकाने लगाई जाती हैँ जो यहाँ कई वर्षो से संचालित की जाती हैँ|
मंदिर प्रबंधन की ओर से इन दुकानों के लिए प्रतिमाह किराया भी लिया जाता लेकिन इनके रख रखाव या इनके सुरक्षा के कोई इंतजाम ट्रस्ट के द्वारा नहीं किया जाता,,इस दुकान परिसर मे न तो गार्ड न c c tv ओर नहीं ट्रस्ट की ओर से इस तरह की आगजनी से निपटने कोई खुद की अग्निश्मन दमकल गाड़िया हैँ, ये घटनाये मंदिर ट्रस्ट के कार्यप्रणाली पर कई तरह के सावल ख़डी करती हैँ|
रतनपुर में दुकानें जलने से दुकानदार हुए परेशान, लाखो का नुकसान
नगर पालिका रतनपुर में स्थित महामाया मंदिर के पास की दुकानों में भीषण आग लग गई। इस आग में 4 दुकानें चपेट में आईं, जिनका लगभग लाखो का सामान जलकर खाक हो गया। जानकारी के अनुसार, रतनपुर के पास शंकर गेट समीप स्थित दुकानों में बीती रात भीषण लगभग 2:15 बजेआग लग गई। भीषण आग क़े लपेटे में 3 से 4 दुकानऔर दुकान क़े सारा सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
आग लगने की वजह अज्ञात है मगर आगजनी से प्रभावित दुकानदारों नें इसे असामाजिक तत्वों की करतूत बताया है\ व्यापारीयों ने आरोप लगाया कि आग अज्ञात या असामाजिक व्यक्ति के द्वारा दुश्मनी भावना से लगाई गई हैँ इसके अलावा उन्होंने नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप भी लगाया, क्योंकि लगभग 100 मीटर की दूरी पर नगर पालिका का भवन स्थित था जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौजूद होने के बाद भी सही समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाई|
फायर ब्रिगेड की देरी से आग बढ़ी, नगर परिषद के खिलाफ व्यापारीयों का गुस्सा
हालांकि, फायर ब्रिगेड की गाड़ी ज़ब तक घटना स्थल पर पहुँचती तब तक स्थानीय दुकानदार ओर मोहल्ले वासियों ने आग पर काबू पा लिया था आग पर काबू पाने मे समय लगा जिसके कारण कई दुकाने जलकर खाक हों गई,, दो फायर ब्रिगेड की गाड़िया आई मगर आने मे देरी सब कुछ खत्म हों गया प्रसाशन की लापरवावाही आई सामने किसके भरोसे व्यपारी अपने आप को सुरक्षित महसूस करे सवाल सबके जेहन मे हैँ|
महामाया मंदिर क्षेत्र में दुकान करने वाले दुकानदार पूर्णतः महामाया ट्रस्ट के नियम कायदो में रह कर अपना प्रतिष्ठान संचालित करते हैं ऐसे में गार्ड और कैमरा जैसे प्रथामिक सुरक्षा के उपाय तक नहीं होने से नगर में ट्रस्ट की उदासीनता ओर आपातकालीन व्यवस्था शून्य नज़रिये की चर्चा जोरो पर है, पूरे देश में विख्यात माँ महामाया मंदिर का संचालान करने वाले ट्रस्ट के पास नगर हित के लिए एम्बुलेंस, दमकल वाहन जैसी व्यवस्था तक नहीं है!
कुल मिला कर महामाया मंदिर रोड में लगी आग नें जहाँ पुलिस प्रसाशन की होली के पहले आयोजित शांति समिति की बैठक में किये गए बड़े दावो की पोल खोलती है वहीँ नगर निकाय की सुस्त व्यस्था एवं ट्रस्ट के लोकहित कीअनदेखी और अपने परिसर के दुकानदारों के सुरक्षा मानको पर हुई चूक पर बड़े सवाल खड़े करती है



