अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर | रतनपुर भैरव मंदिर के समीप खसरा नम्बर 2939 आरक्षित कृषि भूमि का अवैधानिक रूप से प्लाटिंग कर गैर कृषि प्रयोजनों हेतु बेचा जा रहा है, जिससे शहरी क्षेत्रों के अनियंत्रित विकास को बढ़ावा मिल रहा है । आरक्षित कृषि भूमि को छोटे – छोटे टुकड़ो में बेचने से एक ओर जहाँ नक्शों का अद्यतीकरण नही हो पा रहा है दूसरी ओर आखिर कैसे जमीन दलाल आरक्षित कृषि भूमि को टुकड़े टुकड़े में बेच रहे है विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे बैठे है ।
छत्तीसगढ़ भू – राजस्व संहिता की धारा 98 के अंतर्गत बनाये गये नियमों में यह स्पष्ट प्रावधान है कि कृषि भूमि का 0.05 एकड़ अथवा 0.05 रूपये लगान से कम उपखण्ड न किये जायें
ऐसी स्थिति में कृषि भूमि को छोटे – छोटे टुकड़ो में बेचना उक्त नियमों के विपरीत है । इसके बावजूद रतनपुर नगरपालिका अंतर्गत भैरव मंदिर के पास खसरा नम्बर 2939 जो कृषि भूमि के लिये आरक्षित है जिसे टुकड़े टुकड़े में काटकर खरीदी बिक्री की जा रही है जबकि यह प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति कृषि भूमि को बिना व्यपवर्तित किये तथा कॉलोनी निर्माण के बिना रजिस्ट्रिीकरण कराये,
आवासीय प्रयोजन हेतु छोटे-छोटे टुकड़ो में विक्रय करता है तो उसका यह कृत्य अवैध कालोनी निर्माण के श्रेणी में आएगा ।
शासन – प्रशासन के सारे नियमो को ताक पर रखकर यहां भैरव मंदिर के समीप खेत खलिहान की भूमि को आवासीय प्लाट के रूप में खरीदी बिक्री हो रही है इसके चलते प्लाट खरीदने वाले लोग भविष्य में परेशानी में फंस सकते हैं । भैरव मंदिर के पास के प्लाटिंग में बिक्री आवासीय प्लाट के रूप में बेधड़क हो रहा है ।
साथ ही भैरव मंदिर के पास जमीन दलालों के वायदे और झूठे कागजात के फेर में फंसकर जमीन व मकान खरीदने वाले लोगों को बाद में खामियाजा भुगतना पड़ सकता है लोगो को डायवर्सन व एनओसी के लिए कलेक्ट्रोरेट व नगरीय निकाय दफ्तर के चक्कर काटना पड़ सकता है
भू माफियाओं के झांसे में आए लोगों
बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ सकता है । इसके बावजूद भैरव मंदिर के पास तेजी से बढ़ रहे अवैध प्लाटिंग के कारोबार को रोकने शासन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है ।
आरक्षित भूमि कैसे टुकड़े में बट् गया
सोचनीय विषय है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के तहत शहर में भूमि आरक्षित की गई है जिसमे कृषि भूमि के लिये भी अरक्षित की गई है इस भूमि को सिर्फ कृषि के लिये ही उपयोग किया जा सकता है अन्य किसी के लिये नही इसके बावजूद खसरा नम्बर 2939 को टुकड़ो में काट दिया गया है जिम्मेदार चुप है ।



