अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर/रतनपुर। जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में नशे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पहली बार रतनपुर पुलिस ने एमडीएमए जैसे खतरनाक मादक पदार्थ की तस्करी करते हुए चार तस्करों को धर दबोचा है, जो दिल्ली से नशे का नेटवर्क छत्तीसगढ़ में फैलाने की तैयारी में थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 60,000 रुपये कीमत का एमडीएमए ड्रग्स, छह मोबाइल फोन और एक सफेद बलेनो कार जब्त की है।
मुखबिर की सूचना पर टोल प्लाजा पर बिछा पुलिसिया जाल
दिनांक 16 मई को रतनपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक सफेद रंग की बलेनो कार (CG 04 VU 1675) कोरबा की ओर से आ रही है, जिसमें नशीला पदार्थ छुपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और एक टीम गठित कर लिम्हा टोल प्लाजा पर दबिश दी गई।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका और जब तलाशी ली गई तो कार में बैठे चार व्यक्तियों के कब्जे से सफेद पारदर्शी पन्नी और तीन प्लास्टिक कैप्सूल में भरा एमडीएमए जैसा नशीला पदार्थ बरामद हुआ, जिसका वजन 6 ग्राम पाया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 60,000 रुपये आंकी गई है।
दिल्ली से लेकर बिलासपुर तक फैला है नशे का जाल
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
नीतेश शर्मा (35) – निवासी जयरामनगर, थाना मस्तुरी, जिला बिलासपुर
शुभम दत्त बाल्मिकी (27) – निवासी द्वारका सेक्टर 21, दक्षिण पश्चिम दिल्ली
सुमित कुमार जाटव (29) – निवासी रोहिणी सेक्टर 24, दिल्ली
राजू सिंह (32) – निवासी अज्ञेयनगर, थाना तारबाहर, बिलासपुर
इनमें से दो आरोपी दिल्ली से हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नशे का यह नेटवर्क दिल्ली से सीधे छत्तीसगढ़ तक फैलाया जा रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित सप्लायर्स की जानकारी जुटाने में लगी है।
NDPS एक्ट के तहत कसा शिकंजा, भेजे गए जेलचारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान के नेतृत्व में उप निरीक्षक मेलाराम कठौतिया, प्रधान आरक्षक सत्यप्रकाश यादव, आरक्षक नरेश पोर्ते राजेन्द्र साहू आकाश और, चंद्राकर, की अहम भूमिका रही।
पहली बार रतनपुर में एमडीएमए की बरामदगी, पुलिस सतर्क
रतनपुर थाना क्षेत्र में यह पहली बार है जब एमडीएमए जैसा खतरनाक और प्रतिबंधित मादक पदार्थ पकड़ा गया है। एमडीएमए एक ऐसा सिंथेटिक ड्रग है जो युवाओं को सबसे तेजी से नशे की गिरफ्त में लेता है। पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब छोटे शहर भी नशे के सौदागरों के रडार पर हैं।



