सुरेश सोनी की रिपोर्ट ;-
नारायणपुर | 135 बटालियन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) टेल्सी, नारायणपुर द्वारा संचालित कोचिंग कार्यक्रम के अंतर्गत अध्ययनरत कई विद्यार्थियों ने विभिन्न सरकारी नौकरियों में सफलता प्राप्त की है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में बटालियन परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नवल सिंह, कमाण्डेंट 135 वी वाहिनी सीमा सुरक्षा बल द्वारा किया गया जिसमें शनि आलोक तिग्गा, द्वितीय कमान अधिकारी, 135 वी वाहिनी सीमा सुरक्षा बल , अनिरुद्ध कुमार, डीसी (एडज्युटेंट) वह 135 वी वाहिनी सीमा सुरक्षा बल के अधीनस्थ अधिकारीगण वह जवान उपस्थित थे । नवल सिंह, कमाण्डेंट 135 वी वाहिनी सीमा सुरक्षा बल ने सफल अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीएसएफ द्वारा संचालित कोचिंग कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देकर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी।
सफल अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय बीएसएफ शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपने परिश्रम को दिया।
अभ्यर्थियों ने अवगत कराया कि निकट भविष्य में शिक्षकों की 5000 से अधिक भर्ती प्रस्तावित है। इसके लिए आगामी 5 सितम्बर से कृषि मंडी परिसर में विशेष कक्षाएँ प्रारम्भ की जाएँगी। साथ ही, उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों के आग्रह पर सीजी-टीईटी (CG TET) एवं अन्य टीईटी परीक्षाओं की कोचिंग भी शीघ्र ही आरम्भ की जाएगी।
विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि ये समस्त सुविधाएँ बीएसएफ द्वारा पूर्णतः निःशुल्क अपने प्रयासों से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सुरक्षा के साथ-साथ, सीमा सुरक्षा बल अबूझमाड़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। स्थानीय बुनियादी ढांचे, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु किए जा रहे प्रयास इन दुर्गम क्षेत्रों में शांति, प्रगति और स्थायी विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
135 वीं वाहिनी का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सीमा सुरक्षा बल केवल शांति बनाए रखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।



