सुरेश सोनी की रिपोर्ट:-
नारायणपुर | राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के 16वें दिन जिला इकाई नारायणपुर द्वारा एक अनोखा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में सभी संविदा कर्मचारी हाथों में पोस्टर लेकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर मौन प्रदर्शन में शामिल हुए।
इस मौन प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने विशेष रूप से जिला अध्यक्ष को स्टेट स्तर से दिए गए बर्खास्तगी पत्र को पोस्टर के रूप में प्रदर्शित किया। यह कदम कर्मचारियों ने शासन की दमनकारी नीति के विरोध स्वरूप उठाया।
कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि –
“जब कर्मचारी हित की बात आती है, तो शासन-प्रशासन कमेटी कमेटी का हवाला देता है,
लेकिन कर्मचारियों के अहित करने की बारी आती है तो सीधे बर्खास्तगी पत्र जारी कर दिया जाता है!
ऐसा दोहरा रवैया क्यों?”
NHM संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई आंदोलन को दबाने का प्रयास है, लेकिन वास्तव में इससे कर्मचारियों का हौसला और भी मज़बूत हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया और दमनकारी नीतियों को बंद नहीं किया, तो आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
संविदा कर्मचारियों ने कहा कि अब उनका संघर्ष केवल हक और न्याय के लिए है, और किसी भी हाल में संविदा प्रथा को समाप्त कर नियमितिकरण कराना ही लक्ष्य है।




